हरियाणा में 504 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में CBI ने 19 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
हरियाणा में बड़ा बैंक घोटाला
चंडीगढ़. हरियाणा में 504 करोड़ रुपये के एक कथित बैंक घोटाले के संबंध में सीबीआई ने 19 व्यक्तियों, जिनमें छह IAS अधिकारी भी शामिल हैं, के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। आरोप है कि सरकारी धन को IDFC First Bank और AU Small Finance Bank की कुछ शाखाओं में स्थानांतरित किया गया। इस मामले में नियमों की अनदेखी और बैंक अधिकारियों से अनुचित लाभ लेने के आरोपों की जांच की जा रही है।
चार्जशीट में शामिल IAS अधिकारियों के नाम
चार्जशीट में IAS अधिकारियों के नाम जैसे साकेत कुमार, राम कुमार सिंह, पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन शामिल हैं। सीबीआई का आरोप है कि इन अधिकारियों ने सरकारी फंड को विभिन्न बैंकों से हटाकर विशेष शाखाओं में स्थानांतरित किया। इसमें सरकारी कर्मचारियों के बीच मिलीभगत का भी आरोप है।
पंकज अग्रवाल पर अनुचित लाभ का आरोप
पंकज अग्रवाल, जो पहले स्कूल शिक्षा आयुक्त और बाद में कृषि विभाग के प्रधान सचिव रहे, पर आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से अनुचित लाभ प्राप्त किया। सीबीआई ने होटल में आयोजित पार्टियों के खर्च और होटल बुकिंग से जुड़े लेनदेन की भी जांच की है।
साकेत कुमार की भूमिका
साकेत कुमार, जो विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त रहे, पर आरोप है कि उन्होंने IDFC First Bank में सरकारी विभाग के बैंक खाते खुलवाने में भूमिका निभाई। चार्जशीट में कहा गया है कि पंचायत विभाग के खाते से लगभग 48.90 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
आरके सिंह पर नकद भुगतान का आरोप
पंचकूला नगर निगम के पूर्व आयुक्त आरके सिंह पर आरोप है कि उन्हें 50 लाख रुपये का नकद भुगतान किया गया। इसके अलावा, उनके बेटे को दिल्ली में तीन किश्तों में 2 करोड़ रुपये दिए गए।
अन्य आरोपियों की भूमिका
विनीत गर्ग और प्रदीप कुमार पर आरोप है कि उन्होंने निवेश प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं। मोहम्मद शाइन पर IDFC First Bank में 50 करोड़ रुपये जमा कराने में कथित भूमिका का आरोप है।
सीबीआई ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से संबंधित धाराएं लगाई हैं। हालांकि, सभी आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।
