हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त, बर्खास्त कर्मचारी होंगे बहाल
हरियाणा सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का अंत
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, जो पिछले सवा महीने से चल रही थी, शुक्रवार को समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई वार्ता के बाद नगरपालिका कर्मचारी संघ ने अपने आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया। इससे राज्य के शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। सफाई कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर थे, जिसके कारण कई स्थानों पर कूड़ा उठाने में बाधा आई और कचरे के ढेर लग गए। विशेषकर गुरुग्राम जैसे शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था काफी प्रभावित रही।
बर्खास्त और निलंबित कर्मचारियों की बहाली
समझौते का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि आंदोलन के दौरान जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी, उन्हें राहत दी जाएगी। सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बर्खास्त और निलंबित कर्मचारियों को बहाल करने पर सहमति बनी है। हड़ताल के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया पर भी सहमति बनी है। 8 सितंबर तक 62 संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त और 10 नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया गया था, जिन्हें अब बहाल किया जाएगा।
वर्दी भत्ते में वृद्धि
समझौते के अनुसार, सफाई कर्मचारियों को एकमुश्त वर्दी भत्ते के बजाय 440 रुपये प्रति माह वर्दी भत्ता दिया जाएगा। समान काम के लिए समान वेतन और एरियर से संबंधित कर्मचारियों के भुगतान की बात भी सरकार ने स्पष्ट की है। नगरपालिका के कर्मचारियों को नियमों के अनुसार एलटीसी का लाभ मिलता रहेगा। इसके अलावा, सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन के लिए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से वार्षिक मेडिकल चेकअप कराने के निर्देश दिए गए हैं। पहले से ही 2,000 रुपये प्रति माह जोखिम भत्ता देने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
दुर्घटना में मृत्यु पर मुआवजा
काम के दौरान मृत्यु होने पर सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन के लिए मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना के तहत मुआवजे को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, SBI में बचत खाता रखने वाले कर्मचारियों को बैंक की दुर्घटना बीमा व्यवस्था के तहत 50 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये तक का लाभ देने पर सहमति बनी है।
