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हरीश रावत ने कांग्रेस पदों से इस्तीफे की पेशकश की

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हाल ही में अपने विशेष कार्य अधिकारी के घर पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा छापेमारी के बाद कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यदि उनके किसी मामले से पार्टी के संघर्ष को नुकसान होता है, तो वह ऐसा नहीं चाहेंगे। रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह वर्तमान में किसी सरकारी पद पर नहीं हैं। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और रावत के विचार।
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हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ीं


देहरादून में, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेता हरीश रावत की स्थिति गंभीर हो गई है। उनके विशेष कार्य अधिकारी चंदन सिंह जीना के निवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई छापेमारी के बाद रावत भी विवादों में आ गए हैं। इस घटनाक्रम के बीच, उन्होंने शनिवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की पेशकश की। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव फरवरी में होने वाले हैं।


रावत ने सभी पदों से हटने की पेशकश करते हुए सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। वर्तमान में, वह कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने लिखा, 'कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रही है। यदि मेरे किसी मामले से पार्टी के प्रयासों को नुकसान होता है, तो मैं ऐसा नहीं चाहूंगा। इसलिए, मैं पार्टी में दी गई दोनों जिम्मेदारियों से हटना चाहता हूं।'


10 सितंबर को, रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर पर ईडी ने छापा मारा था, जिसमें 1.28 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई थीं। जीना वर्तमान में रावत के निजी सचिव हैं। रावत ने कहा, 'मैं इस समय किसी सरकारी पद पर नहीं हूं, इसलिए इस्तीफे का सवाल नहीं है।' चंदन सिंह जीना के बारे में उन्होंने कहा, 'वे मेरे ओएसडी रह चुके हैं और मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते थे। मौजूदा आरोपों पर, मुझे विश्वास नहीं है और जांच पूरी होने के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।'