हल्द्वानी में मंच शुद्धिकरण विवाद: कांग्रेस और मायावती की तीखी प्रतिक्रिया
हल्द्वानी में मंच शुद्धिकरण का मुद्दा
हल्द्वानी मंच शुद्धिकरण विवाद: उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच के 'शुद्धिकरण' का मामला चर्चा का विषय बन गया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने इस मुद्दे को मॉनसून सत्र के अंतिम दिन उठाया, जिसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला किया।
कांग्रेस का आरोप है कि खरगे की सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण केवल उनके दलित होने के कारण किया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा, "हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की सभा के बाद मंच का 'शुद्धिकरण' सिर्फ़ एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि यह उस संविधान का अपमान है जिसने छुआछूत को अपराध माना है। यह एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह भाजपा-आरएसएस की मनुवादी सोच का परिणाम है, जो आज भी इंसान की पहचान उसके जन्म से तय करती है।"
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की सभा के बाद मंच का “शुद्धिकरण” सिर्फ़ एक व्यक्ति का अपमान नहीं – यह उस संविधान का अपमान है जिसने छुआछूत को अपराध घोषित किया।
और यह कोई इकलौती घटना नहीं है। यह BJP-RSS की सालों से पाली-पोसी मनुवादी सोच का नतीजा है – वो… https://t.co/lIGdo981tL
— राहुल गांधी (@RahulGandhi) August 13, 2026
मायावती की कानूनी कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी की घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा, "उत्तराखंड के हल्द्वानी में हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद उनके मंच का दलित होने के कारण शुद्धिकरण किया गया। यह मामला अत्यंत निंदनीय और चिंतनीय है। सरकार को बिना देरी किए जातिवादी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस के मुखिया को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
1. उत्तराखण्ड स्टेट के हल्द्वानी में अभी हाल ही में, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के हुये प्रोग्राम के बाद उनके मंच का दलित होने की वजह से शुद्धीकरण किया गया है। यह जानकारी कल संसद के ज़रिये भी देश को मिली है। यह मामला अति-निन्दनीय व चिन्तनीय है…
— मायावती (@Mayawati) August 14, 2026
मायावती ने आगे कहा, "हाल ही में महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की घटना भी अत्यंत दुखद और चिंतनीय है। केंद्र और महाराष्ट्र की सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।"
