हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट: क्या है 'ट्रायल इन एब्सेंशिया'?
जम्मू की अदालत का महत्वपूर्ण फैसला
श्रीनगर: जम्मू की एक अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख और 26/11 मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह निर्णय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की याचिका पर आया है और इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस फैसले से यह संभावना बढ़ गई है कि भारत में हाफिज सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी, भले ही वह मौजूद न हो।
एनआईए ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद वर्तमान में पाकिस्तान में है और उसे भारत लाना संभव नहीं है। एजेंसी ने कहा कि उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को जारी रखना आवश्यक है।
अदालत ने एनआईए की दलीलों पर विचार करते हुए हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई को मजबूती मिली है। इससे पहले, 6 जुलाई को एनआईए ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उसे पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। अब उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
ट्रायल इन एब्सेंशिया की प्रक्रिया
क्या है 'ट्रायल इन एब्सेंशिया'?
भारत के नए आपराधिक कानूनों के तहत, यदि कोई आरोपी विदेश में छिपा हो और जानबूझकर अदालत में पेश नहीं हो रहा हो, तो उसकी गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में पहले अदालत आरोपी को समन और फिर वारंट जारी करती है। यदि वह फिर भी उपस्थित नहीं होता, तो उसे भगोड़ा घोषित किया जा सकता है। इसके बाद अदालत उसकी अनुपस्थिति में भी मुकदमे की सुनवाई जारी रख सकती है। इसे 'ट्रायल इन एब्सेंशिया' कहा जाता है।
एनआईए का दावा
एनआईए ने बताया बड़ा साजिशकर्ता
जांच एजेंसी का कहना है कि हाफिज सईद लंबे समय से भारत में कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचता रहा है। एनआईए के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले की योजना भी पाकिस्तान में बनाई गई थी, जिसमें हाफिज सईद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि पाकिस्तान से उसके प्रत्यर्पण की संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं, इसलिए नए कानूनी प्रावधानों के तहत उसके खिलाफ मुकदमा चलाना आवश्यक है।
चार्जशीट में अन्य आरोपी
चार्जशीट में कई अन्य आरोपी भी शामिल
एनआईए की प्रारंभिक चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी को भी आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तान स्थित आतंकी साजिद सैफुल्ला जट्ट का नाम भी शामिल है। जांच एजेंसी ने पहलगाम के बशीर अहमद और परवेज अहमद को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। इन लोगों पर आतंकियों की मदद करने और हमले की साजिश को अंजाम देने का आरोप है।
पहलगाम आतंकी हमला
26 लोगों की गई थी जान
पहलगाम आतंकी हमला हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर के सबसे गंभीर आतंकी हमलों में से एक माना जाता है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर जांच अभियान शुरू किया था।
