हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच बिजली बिक्री का समझौता जल्द
हिमाचल की बिजली बिक्री से होगी आय
तीन साल का समझौता, हिमाचल के पास है अतिरिक्त बिजली
शिमला: हिमाचल प्रदेश ने पंजाब को अगले तीन वर्षों के लिए बिजली बेचने की योजना बनाई है, जिससे राज्य को अच्छी आय प्राप्त होगी। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच जल्द ही इस पर समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। हिमाचल के पास अतिरिक्त बिजली है, जबकि पंजाब हर गर्मी में बिजली संकट का सामना करता है। यह समझौता दोनों राज्यों के लिए फायदेमंद साबित होगा। हिमाचल को अतिरिक्त आय मिलेगी और पंजाब की जनता को बिजली कटौती से राहत मिलेगी।
पंजाब में बिजली संकट के कारण
गर्मी के मौसम और धान की बुआई के दौरान पंजाब में बिजली की मांग काफी बढ़ जाती है। हालांकि, राज्य में थर्मल पावर, केंद्रीय पूल और नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत मौजूद हैं, फिर भी पीक सीजन में मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है।
संवाद से हल होंगे मुद्दे
पंजाब, जो बिजली संकट से जूझ रहा है, तीन साल के लिए हिमाचल से बिजली खरीदेगा। इसके लिए जल्द ही पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) पर हस्ताक्षर होंगे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चंडीगढ़ में एक कॉन्क्लेव में यह घोषणा की।
बिजली की मात्रा और दरें अभी स्पष्ट नहीं
हालांकि, मुख्यमंत्री ने समझौते के तहत खरीदी जाने वाली बिजली की मात्रा या दरों का खुलासा नहीं किया। उन्होंने पंजाब और हिमाचल के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब, हिमाचल का बड़ा भाई है। समय-समय पर मुद्दे और मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन बातचीत के माध्यम से सभी लंबित मामलों का समाधान किया जाएगा।
