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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से सड़क हादसा: 13 की मौत, वीडियो वायरल

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में एक भयानक सड़क हादसे में 13 लोगों की जान चली गई। पांगी-उदयपुर मार्ग पर एक टाटा सूमो पर एक विशाल चट्टान गिरने से यह दुर्घटना हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में घटना के क्षणों को कैद किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इस घटना ने सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं।
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दर्दनाक सड़क हादसे का वीडियो


हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में एक भयानक सड़क दुर्घटना का वीडियो सामने आया है, जिसने घटना की गंभीरता को फिर से उजागर किया है। पांगी-उदयपुर मार्ग पर एक टाटा सूमो पर अचानक एक विशाल चट्टान गिर गई, जिससे वाहन में सवार अधिकांश लोगों की मौके पर ही जान चली गई।


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हादसा

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि कई वाहन पहाड़ी रास्ते से गुजर रहे हैं। भारी बारिश के कारण सड़क कुछ समय के लिए बंद थी, जिसके चलते वाहन तिंदी क्षेत्र में रुके हुए थे। जैसे ही रास्ता खुला, कई गाड़ियां सुरक्षित निकल गईं, लेकिन 15 यात्रियों से भरी टाटा सूमो जैसे ही आगे बढ़ी, एक विशाल चट्टान अचानक टूटकर वाहन पर गिर गई। यह सब कुछ सेकंडों में हुआ और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।


हादसे में 13 लोगों की जान गई

इस भीषण दुर्घटना में टाटा सूमो में सवार 15 लोगों में से 13 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। यह हादसा लाहौल घाटी से लगभग 60 से 70 किलोमीटर दूर कुडूनाला क्षेत्र में हुआ। मृतकों में एक छह महीने का बच्चा भी शामिल है। सभी यात्री पांगी घाटी के निवासी थे। दुर्घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।


चट्टान गिरने से वाहन पूरी तरह दब गया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चट्टान इतनी भारी थी कि टाटा सूमो पूरी तरह से पिचक गई। हादसे के बाद वाहन में आग लगने की भी सूचना मिली है, जिससे कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों को लेकर चिंता व्यक्त की है।


बारिश के मौसम में बढ़ता खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में यात्रियों को प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए और जोखिम वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाएं पलभर में बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती हैं।