जयपुर में सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान, 3000 जवान तैनात
राजस्थान में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
राजस्थान: गुलाबी शहर जयपुर के मालवीय नगर से जगतपुरा मार्ग पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण संयुक्त अभियान की शुरुआत की है। नंदपुरी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए आ रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इस कार्रवाई के तहत सड़क की सीमा में स्थित नूरानी मस्जिद को सील कर उसके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
इस संवेदनशील एंटी-एंक्रोचमेंट अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जयपुर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मौके पर 50 से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला है। जिले के कई हिस्सों में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।
सड़क चौड़ीकरण का लक्ष्य 30 से 80 फीट
मालवीय नगर से जगतपुरा तक रेलवे लाइन के समानांतर चलने वाली इस मुख्य सड़क को वर्तमान 25-30 फीट से बढ़ाकर 80 फीट करने का लक्ष्य रखा गया है। इस 80 फीट की सीमा में कुल पांच धार्मिक संरचनाएं आ रही हैं, जिन्हें हटाने का निर्णय लिया गया है। इनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग हॉल और एक मजार शामिल हैं।
पुलिस कमिश्नर की सख्त चेतावनी
जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस कानूनी कार्रवाई के दौरान सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। पुलिस भड़काऊ वीडियो बनाने या सोशल मीडिया पर तथ्यहीन सामग्री फैलाने वालों पर कड़ी नजर रख रही है।
ध्वस्तीकरण पर सियासी विवाद
कांग्रेस विधायक रफीक खान ने इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस नूरानी मस्जिद को प्रशासन हटाने की योजना बना रहा है, वह पूरी तरह से बिल्डिंग बायलॉज और निर्धारित नियमों के अनुसार बनी थी। दूसरी ओर, प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह कार्रवाई किसी भेदभाव के बिना, केवल सड़क विकास के निर्धारित नियमों के तहत की जा रही है।
