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13 वर्षीय छात्र की हिम्मत ने प्रशासन को किया प्रभावित, लखीमपुर खीरी में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक 13 वर्षीय छात्र ने अपनी आर्थिक परेशानियों और घरेलू विवादों को लेकर अधिकारियों के सामने आत्मविश्वास से अपनी बात रखी। इस घटना ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया और अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बच्चे की मासूमियत और स्पष्टता ने सभी को प्रभावित किया, और अब यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। जानिए इस दिलचस्प मामले की पूरी कहानी।
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लखीमपुर खीरी में छात्र की शिकायत ने सबका ध्यान खींचा


लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आयोजित तहसील समाधान दिवस पर एक 13 वर्षीय छात्र ने अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के समक्ष पेश होकर सबका ध्यान आकर्षित किया। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले इस छात्र ने अपने परिवार की आर्थिक कठिनाइयों और घरेलू विवादों को जिस आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया, उसने वहां उपस्थित अधिकारियों को प्रभावित किया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी जानकारी।


परिवार की आर्थिक स्थिति चिंताजनक

ईदगाह मोहल्ले के निवासी अमिताभ गुप्ता ने अपनी मां के साथ समाधान दिवस में आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। उनकी मां की मासिक आय लगभग 3,000 रुपये है, जिससे घर का खर्च चलाना कठिन हो रहा है। बच्चे ने कहा कि महंगाई के इस समय में रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करना भी एक चुनौती बन गया है।


अमिताभ ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पैतृक मकान के एक हिस्से पर उनकी ताई ने ताला लगा रखा है। उनका कहना था कि यदि वह हिस्सा खुल जाए तो उनकी मां उसे किराए पर देकर कुछ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकती हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।


बड़ी बहन की पढ़ाई को लेकर चिंता

छात्र ने अपनी बड़ी बहन की पढ़ाई का मुद्दा भी उठाया। उसने अधिकारियों को बताया कि उसकी बहन अब नौवीं कक्षा में है, लेकिन अब उसे पहले की तरह मुफ्त किताबें और कॉपियां नहीं मिल रही हैं। आर्थिक तंगी के कारण उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चे की बातें सुनकर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तुरंत जांच के निर्देश दिए। इस दौरान एक पुलिस अधिकारी ने बच्चे को आश्वासन दिया कि वे उसके घर जाकर मामले की जांच करेंगे। इस पर अमिताभ ने तुरंत उत्तर दिया, "साहब, देखना नहीं है... बस करवा दीजिए।"


प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया

बच्चे की मासूम लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया पर वहां उपस्थित सभी अधिकारी और कर्मचारी मुस्कुराए। इसके साथ ही प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस टीम को संबंधित स्थान पर भेजा गया ताकि मकान से जुड़े विवाद की जांच की जा सके और उसका समाधान किया जा सके। इसके साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति और छात्रा की पढ़ाई से संबंधित पहलुओं पर आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग बच्चे की हिम्मत, समझदारी और आत्मविश्वास की प्रशंसा कर रहे हैं।