15 साल बाद पकड़े गए जेवरात के गबन के आरोपी, जानें कैसे हुई गिरफ्तारी
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता
नई दिल्ली: यह कहा जाता है कि कानून का हाथ लंबा होता है, और समय चाहे कितना भी बीत जाए, अपराध का परिणाम एक दिन सामने आता है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज ने इसी सिद्धांत को सच साबित किया है। लगभग 15 वर्षों से फरार दो भाइयों को, जो जेवरात के गबन के मामले में आरोपी थे, पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों की पहचान पिंटू कोले (47) और मिंटू कोले (46) के रूप में हुई है। उन पर 2011 में दर्ज मामले में 1430 ग्राम सोना और 560 कैरेट हीरे चुराने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने इन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
भरोसे का फायदा उठाया
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि ये दोनों भाई 2009 में जेवर बनाने और डिजाइनिंग का प्रशिक्षण लेने के बाद दिल्ली आए थे। अलग-अलग ज्वेलर्स के साथ काम करते हुए उन्होंने अपनी कला में महारत हासिल की। उनकी कारीगरी और भरोसे के कारण ज्वेलर्स ने उन्हें बड़ी मात्रा में सोना और हीरे बनाने के लिए दिए। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने 1430 ग्राम सोना और 560 कैरेट हीरे चुराए और फिर पश्चिम बंगाल भाग गए। एक ज्वेलर की शिकायत पर 2011 में मामला दर्ज किया गया था। कई प्रयासों के बावजूद दोनों पुलिस के हाथ नहीं आए और बाद में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। 2012 में इन पर इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस की निरंतर खोज
लंबे समय से फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज की टीम लगातार प्रयासरत थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि दोनों भाई हुगली में छिपे हुए हैं। इसके बाद निरीक्षक विनय कुमार के नेतृत्व में टीम ने पश्चिम बंगाल में जाकर जानकारी जुटाई और दोनों के ठिकाने का पता लगाया। लगातार निगरानी और जांच के बाद, टीम ने 1 और 2 अक्टूबर की रात को हुगली में छापेमारी कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
फरारी के दौरान भी काम करते रहे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फरारी के दौरान दोनों भाई हुगली और कोलकाता में अलग-अलग ज्वेलर्स के लिए काम करते रहे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे कम प्रोफाइल में रहते थे और पुलिस की दबिश के बाद अक्सर अपना ठिकाना बदलते रहते थे। करीब डेढ़ दशक तक पुलिस से बचने के बावजूद, अंततः क्राइम ब्रांच की मेहनत ने उनकी फरारी का अंत कर दिया।
अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना
पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों ने जेवर डिजाइनिंग में अनुभव प्राप्त करने के बाद अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन पर्याप्त धन की कमी के कारण उन्होंने उन कीमती सामानों को चुराने की साजिश रची, जो उन्हें जेवर बनाने के लिए दिए गए थे।
