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AAP ने SGPC प्रमुख पर उठाए गंभीर सवाल, CBI जांच की मांग पर उठे सवाल

आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने श्री आनंदपुर साहिब में एक महिला के आठ महीने तक रहने के मामले में सीबीआई जांच की मांग पर सवाल खड़े किए हैं। AAP के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने धामी से महिला के रहने के कारणों और एसजीपीसी द्वारा किए गए खर्चों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पंजाब पुलिस की जांच को नजरअंदाज करने के लिए सीबीआई जांच की मांग पर भी सवाल उठाए। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है और क्यों यह मुद्दा सिख समुदाय में चिंता का विषय बन गया है।
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चंडीगढ़ में AAP का सवाल


चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने गुरुवार को एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी द्वारा श्री आनंदपुर साहिब में एक महिला के आठ महीने तक रहने की सीबीआई जांच की मांग पर सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा कि एसजीपीसी पंजाब पुलिस के साथ सहयोग करने से क्यों बच रही है, जो पहले से ही मामले की जांच कर रही है। AAP के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि धामी को महिला के रहने से जुड़े मूल सवालों के जवाब देने चाहिए और एसजीपीसी को सभी आवश्यक रिकॉर्ड पंजाब पुलिस को सौंपने चाहिए।


महिला के रहने के सवाल

महिला के आठ महीने रहने और इंतजामों को लेकर AAP ने मांगे जवाब


एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलतेज पन्नू ने कहा, "हरजिंदर सिंह धामी, जो खुद को 'सुखबीर सिंह बादल का सिपाही' मानते हैं, इस मामले में उठाए गए मूल सवालों का जवाब देने में असफल रहे हैं। अब वे पंजाब पुलिस को आवश्यक रिकॉर्ड देने के बजाय सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। मुख्य सवाल यह हैं कि महिला को श्री आनंदपुर साहिब क्यों लाया गया, उसके रहने का इंतज़ाम किसने किया, वह आठ महीने तक वहां क्यों रही, और एसजीपीसी ने उसे गाड़ी, अटेंडेंट और अन्य खर्चे क्यों दिए?"


महिला के खाते में ट्रांसफर पर सवाल

महिला के खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर पर भी उठाया सवाल


पन्नू ने कहा कि धामी एसजीपीसी अकाउंट से महिला के अकाउंट में 1 लाख रुपये ट्रांसफर होने के बारे में भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाए हैं। उन्होंने कहा, "जब संस्था के पास खुद तथ्य साबित करने के लिए ज़रूरी रिकॉर्ड हैं, तो एसजीपीसी सीबीआई जांच की मांग क्यों कर रही है?"


रिकॉर्ड देने की मांग

गाड़ी, सेवादार और खर्चों का पूरा रिकॉर्ड देने की मांग


पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी को पंजाब पुलिस को महिला को दी गई गाड़ी, उसके साथ तैनात सेवादार, उसके रहने पर हुए खर्च और उससे जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी देनी चाहिए।


पंजाब पुलिस की जांच पर सवाल

पंजाब पुलिस की जांच के बीच CBI जांच की मांग पर सवाल


पन्नू ने सवाल उठाया कि एसजीपीसी प्रमुख पंजाब पुलिस की जांच को आगे बढ़ने देने के बजाय सीबीआई जांच की मांग क्यों कर रहे हैं।


2015 की बेअदबी जांच का संदर्भ

2015 की बेअदबी जांच का हवाला देकर उठाई गई चिंता


पन्नू ने 2015 में बेअदबी के मामलों में सीबीआई की पहली जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि केस जांच एजेंसी को सौंपने के बाद, सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी थी। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से यह सवाल उठता है कि क्या मौजूदा केस को किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने से यह मामला भी पीछे चला जाएगा।


बंटी रोमाना के बयानों पर सवाल

बंटी रोमाना के बयानों पर भी AAP ने उठाए सवाल


पन्नू ने अकाली दल (बादल) के नेता बंटी रोमाना के बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रोमाना ने दावा किया था कि महिला सुखबीर सिंह बादल के पास गई थी और उसे पुलिस के पास जाकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया था।


SGPC प्रमुख की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सवाल

SGPC प्रमुख की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी उठे सवाल


पन्नू ने धामी की हाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस मामले से जुड़े कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। उन्होंने कहा, "धामी बार-बार सीबीआई जांच की मांग नहीं कर सकते। एसजीपीसी के पास रिकॉर्ड हैं। उसे इसे पंजाब पुलिस को सौंप देना चाहिए।"


पुराने विवादों से अलग मामला

पुराने विवादों से अलग बताया श्री आनंदपुर साहिब का मामला


पन्नू ने कहा कि यह मामला एसजीपीसी से जुड़े पहले उठाए गए विवादों और कथित घोटालों से अलग है। उन्होंने कहा, "यह ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे धूल की परत चढ़ाकर दबाया जा सके।"


सिख बुद्धिजीवियों की चिंताओं का जिक्र

सिख बुद्धिजीवियों और युवाओं की चिंताओं का भी किया जिक्र


पन्नू ने कहा कि सिख बुद्धिजीवी और युवा इस मामले पर सवाल उठा रहे हैं और उनकी चिंताओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।


सोशल मीडिया पर कार्रवाई का सवाल

सोशल मीडिया पर महिलाओं को टारगेट करने वालों पर कार्रवाई का सवाल


पन्नू ने यह भी सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर महिलाओं को टारगेट करने और परेशान करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।


रिकॉर्ड सौंपने की मांग

सभी रजिस्टर और वित्तीय रिकॉर्ड पुलिस को सौंपने की मांग


पन्नू ने कहा कि अगर धामी को लगता है कि गड़बड़ियां हुई हैं, तो एसजीपीसी को तुरंत सभी ज़रूरी रजिस्टर और अकाउंट डिटेल्स पंजाब पुलिस को सौंप देने चाहिए।