कोसी नदी में बाढ़ का खतरा: प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
कोसी नदी का बढ़ता जलस्तर
उत्तर बिहार की कोसी नदी एक बार फिर अपने खतरनाक रूप में लौट आई है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती दबाव और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 से 48 घंटों में वीरपुर बराज से 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा सकता है।
बराज पर जलस्राव की स्थिति
वीरपुर कोसी बराज पर जलस्राव की स्थिति हर घंटे बदल रही है। गुरुवार दोपहर से नदी का जलस्तर बढ़ने लगा था। गुरुवार शाम को डिस्चार्ज 1.77 लाख क्यूसेक था, जो शुक्रवार सुबह 9 बजे तक 1.90 लाख क्यूसेक को पार कर गया। यह लगातार बढ़ती रफ्तार प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है।
दबाव को नियंत्रित करने के लिए गेट खोले गए
बराज पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए 56 में से 25 गेट खोले गए हैं। बाढ़ नियंत्रण के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश के अनुसार, बराज को सुरक्षित रखने के लिए पानी को व्यवस्थित तरीके से डाउनस्ट्रीम की ओर बहाया जा रहा है।
पहले से प्रभावित परिवार
हाल के दिनों में जलस्राव 1.25 से 1.5 लाख क्यूसेक के बीच था, जिससे लोगों को उम्मीद थी कि इस साल बाढ़ का संकट टल गया है। लेकिन पहले के कटाव में सुपौल के सत्तौर पंचायत के नारायणपुर और बिरजाईन में लगभग दो सौ परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं। अब नए अलर्ट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासन की तैयारियां
सुपौल, सहरसा, खगड़िया और नवगछिया सहित पूरे कोसी क्षेत्र में प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। खगड़िया जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। अधिकारी कोसी और बागमती के तटबंधों की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते।
गांवों को खाली कराने की प्रक्रिया
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए निचले इलाकों में बसे गांवों को खाली कराने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है, ताकि जानमाल का नुकसान कम से कम हो सके। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर अपडेट के अनुसार रणनीति में बदलाव किया जा रहा है।
