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खान सर को पटना कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत, कोचिंग विवाद में राहत

पटना के प्रसिद्ध शिक्षक खान सर को कोचिंग विवाद में बड़ी कानूनी राहत मिली है। सिविल कोर्ट ने उनकी और अन्य पांच आरोपियों की अग्रिम जमानत मंजूर कर दी है। इस मामले में हवाई फायरिंग के आरोप भी लगे थे, लेकिन अदालत ने सभी पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए जमानत का आदेश दिया। जानें इस महत्वपूर्ण फैसले के पीछे की कहानी और आगे की जांच की स्थिति।
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कोचिंग विवाद में कानूनी राहत


पटना में चल रहे कोचिंग विवाद में प्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान, जिन्हें आमतौर पर खान सर के नाम से जाना जाता है, को महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने मंगलवार को खान सर और उनके दो बॉडीगार्ड सहित कुल छह व्यक्तियों की अग्रिम जमानत को मंजूरी दी। यह निर्णय मामले में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई मानी जा रही है।


सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा गया निर्णय

खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने जानकारी दी कि मामले की सुनवाई पहले से चल रही थी। पिछले शुक्रवार को न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण निर्णय सुरक्षित रखा गया था। सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने केस डायरी, पुलिस रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलों का गहन अध्ययन करने के बाद सभी छह आरोपियों की अग्रिम जमानत को मंजूरी दी।


फायरिंग के आरोपियों को भी मिली जमानत

इस मामले में खान सर के दो बॉडीगार्ड पर हवाई फायरिंग का आरोप भी लगाया गया था। बचाव पक्ष का कहना है कि स्वतंत्र गवाहों ने पुलिस जांच में हवाई फायरिंग की पुष्टि की है, और शस्त्र अधिनियम की धारा जमानती श्रेणी में आती है। अदालत ने इसी कानूनी पहलू को ध्यान में रखते हुए दोनों बॉडीगार्ड को भी अग्रिम जमानत दी।


शिकायतकर्ता का जमानत का विरोध

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता रोशन आनंद ने जमानत का विरोध किया। उनके वकील ने सार्वजनिक उपद्रव सहित कई आरोपों का हवाला देते हुए अदालत से राहत न देने की मांग की। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करते हुए सभी आरोपियों को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया।


जांच जारी, लेकिन राहत मिली

यह मामला 2 जून को हुई घटना से संबंधित है, और 5 जून से इसकी नियमित सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कई बार केस डायरी और पूरक केस डायरी की मांग की थी। इस बीच, खान सर की सार्वजनिक अनुपस्थिति पर भी सवाल उठे, जिस पर बचाव पक्ष ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। अदालत के इस निर्णय से खान सर और अन्य पांच आरोपियों को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है, जबकि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।