दिल्ली की अदालत ने बिहार के विधायक को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया
महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया
पटना: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने शनिवार को एक सात साल पुराने हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के साहिबगंज विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) विशाल गोगने ने फैसला सुनाते ही विधायक को तुरंत न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने दोषी की सजा पर अंतिम निर्णय 9 जून को सुनाने का निर्णय लिया है।
सह-आरोपियों को मिली राहत
इस मामले की गहन सुनवाई के बाद, जहां मुख्य आरोपी राजू कुमार सिंह को जेल भेजा गया, वहीं उनकी पत्नी रेनू सिंह और अन्य तीन सह-आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में राहत मिली। अदालत ने रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आपराधिक आरोपों से बरी कर दिया। इससे पहले, अक्टूबर 2023 में अदालत ने इन सभी आरोपियों की बरी करने की अर्जियों को खारिज करते हुए उन पर सबूत मिटाने और साजिश रचने के आरोप तय किए थे।
नए साल की रात का मामला
नए साल के जश्न में चली थी गोली
यह घटना 31 दिसंबर 2018 की रात की है, जब शिकायतकर्ता विकास गुप्ता अपनी पत्नी अर्चना गुप्ता और बेटी के साथ दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी में नए साल का जश्न मनाने गए थे। रात करीब बारह बजे, जब सभी मेहमान डांस कर रहे थे, तभी सुरक्षाकर्मी हरि सिंह और विधायक राजू सिंह ने अपने हथियारों से हवा में फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान राजू सिंह की बंदूक से निकली एक गोली अर्चना गुप्ता के सिर में लग गई।
गिरफ्तारी और सबूत मिटाने की कोशिश
सबूत मिटाने की कोशिश और गिरफ्तारी
गोली लगने के बाद फार्म हाउस में अफरा-तफरी मच गई और लहूलुहान अर्चना को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो पाया कि खून को धोकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। घटना के बाद विधायक और उनका ड्राइवर हरि सिंह मौके से फरार हो गए, जिन्हें 2 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के फाजिलनगर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने विधायक के पास से 22 कैलिबर की पिस्तौल, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई कार को जब्त किया।
अर्चना की मौत और पोस्टमार्टम
इलाज के दौरान मौत और एम्स में पोस्टमार्टम
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही अर्चना गुप्ता ने 3 जनवरी 2019 को दम तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा को बदलकर हत्या की धारा 302 जोड़ दी। मृतका का पोस्टमार्टम देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स में किया गया था। डॉक्टरों की टीम ने अपनी फोरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि महिला की मौत सिर में नजदीक से गोली लगने और अंदरूनी चोटों के कारण हुई थी।
