पटना में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, विदेशी नागरिकों को बनाया निशाना
पटना में साइबर ठगी का मामला
पटना के मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान एक MBA पास युवक से पूछताछ के बाद पुलिस ने विदेशी नागरिकों के साथ साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस रामपुर रोड पर वाहन जांच कर रही थी, तभी संदेह के आधार पर एक बाइक सवार को रोका गया, जिसकी पहचान अक्षय कुमार साह के रूप में हुई।
पुलिस की जांच में मोबाइल की जांच के दौरान साइबर अपराध से जुड़े कुछ सबूत मिले। पूछताछ में अक्षय ने बताया कि वह दानापुर के गोला रोड पर अपने साथियों के साथ मिलकर विदेशी नागरिकों को ठगता है।
गिरोह का खुलासा
क्या है पूरा मामला?
पटना पुलिस के अनुसार, युवक से मिली जानकारी के बाद थानाध्यक्ष सीतु कुमारी के नेतृत्व में पुलिस ने विवेक विहार कॉलोनी में एक अपार्टमेंट के तीसरे तल पर छापेमारी की। इस दौरान तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें भोजपुर के ओम प्रकाश ठाकुर, सहरसा के सत्यम कुमार और औरंगाबाद के अभिषेक कुमार शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपित फर्राटेदार अंग्रेजी में विदेशी नागरिकों से बात करते थे। वे एसआईपी वीओआईपी कॉलिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करके अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों में कॉल करते थे। कॉल के दौरान पीड़ितों के कंप्यूटर में खराबी होने का झांसा देकर एपीके या मालवेयर इंस्टॉल कराते थे और इसके बदले में अमेरिकी डॉलर वसूलते थे।
पुलिस की कार्रवाई
लैपटॉप तोड़ने की कोशिश
छापेमारी के दौरान एक आरोपित ने पुलिस को देखकर लैपटॉप को जमीन पर पटक दिया, जिससे वह डिजिटल साक्ष्य मिटाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, पुलिस ने मौके से अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त कर लिए। पुलिस ने चार लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, दो बाइक, सात डेबिट कार्ड, 1.09 लाख रुपये नकद, नेट फाइबर, माइक लगे हेडफोन और यूएसडीटी लेनदेन के स्क्रीनशॉट बरामद किए हैं।
जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल की जांच में विदेशी नागरिकों की जीमेल आईडी, पहचान पत्र, निजी दस्तावेज और यूएसडीटी लेनदेन से जुड़े स्क्रीनशॉट मिले हैं। पुलिस इन उपकरणों से अंतरराष्ट्रीय कॉल, विदेशी पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम का ब्योरा जुटा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने विशेष सॉफ्टवेयर तैयार कराया था, जिसका उद्देश्य विदेशी मोबाइल नंबर की जगह स्थानीय नंबर प्रदर्शित कर कॉल करना था।
