बिहार में छात्रों का प्रदर्शन: BPSC परीक्षा और भर्ती मुद्दों पर बढ़ता आक्रोश
बिहार में छात्रों का गुस्सा फिर से उभरा
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर छात्रों का असंतोष एक बार फिर से बढ़ता नजर आ रहा है। BPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं, परीक्षाओं में देरी, और शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के विज्ञापन की अनुपस्थिति जैसे मुद्दों पर अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का धरना जारी है।
70वीं BPSC परीक्षा पर उठ रहे सवाल
छात्र 70वीं BPSC परीक्षा से संबंधित मामलों की जांच की मांग कर रहे हैं और यदि आवश्यक हो, तो परीक्षा को फिर से आयोजित करने की भी अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता अनिवार्य है। TRE-4 को लेकर भी अभ्यर्थियों में नाराजगी देखी जा रही है। इससे पहले मई में विज्ञापन में देरी के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी हुआ था।
NEET विवाद के बाद बढ़ा आक्रोश
जुलाई में NEET परीक्षा के पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भी बिहार में प्रदर्शन हुए थे। पटना में मार्च को रोकने के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और पानी की बौछार की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं के बाद परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दे राज्य में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं।
तेजस्वी और पप्पू यादव का समर्थन
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार को 'पेपर लीक की राजधानी' बताते हुए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान किया है और छात्रों, युवाओं, शिक्षकों तथा शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। सांसद पप्पू यादव भी छात्रों के बीच जाकर 70वीं BPSC की दोबारा परीक्षा की मांग का समर्थन कर चुके हैं।
18-19 अगस्त पर टिकी नजर
छात्र आंदोलन के संदर्भ में अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। TRE-4 अभ्यर्थियों ने 18 अगस्त से अनशन की योजना बनाई है, जबकि 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन मार्च से आंदोलन का दायरा बढ़ सकता है। जंतर-मंतर और रांची में छात्र आंदोलनों के बाद पटना में बढ़ती सक्रियता ने सरकार के सामने परीक्षा, भर्ती और युवाओं के रोजगार से जुड़े सवालों को और गंभीर बना दिया है।
