सिवान में AK-47 फायरिंग विवाद: बिहार पुलिस का स्पष्टीकरण और कांस्टेबल का निलंबन
सिवान में फायरिंग का मामला
सिवान: बिहार के सिवान में 25 जुलाई को बंद के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से की गई फायरिंग के मामले में बिहार पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस का कहना है कि जब कांस्टेबल को भीड़ ने घेर लिया था, तब उसने अपनी सुरक्षा, सरकारी संपत्ति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार राउंड हवाई फायरिंग की। हालांकि, बिना आदेश फायरिंग करने के आरोप में संबंधित कांस्टेबल को तुरंत निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, बंद समर्थकों की भीड़ ने कांस्टेबल को घेर लिया था। ऐसे में कांस्टेबल अभिषेक कुमार ने AK-47 का बैरल ऊपर उठाते हुए चार राउंड हवाई फायरिंग की। पुलिस का दावा है कि यह कदम आत्मरक्षा और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए उठाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि फायरिंग स्थल पर किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
कांस्टेबल का निलंबन और जांच प्रक्रिया
कांस्टेबल निलंबित, विभागीय जांच शुरू
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांस्टेबल ने बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के फायरिंग की थी। इसलिए उसे तुरंत निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।
घायलों की स्थिति
घायलों को लेकर पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय मोहम्मद आरिफ और 22 वर्षीय आकाश कुमार हाफिज चौक पर घायल हुए थे, जो फायरिंग स्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। वहीं, 20 वर्षीय बुलेट कुमार गौड़ ट्रैफिक थाना क्षेत्र के पास घायल मिला, जो घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर था। तीनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई गई है।
एफआईआर और जांच की स्थिति
तीन एफआईआर दर्ज, जांच जारी
बिहार पुलिस ने बताया कि तीनों घायलों के फर्दबयान के आधार पर सिवान नगर थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मी का AK-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गृह मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की। इस बीच, पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष सार्वजनिक किया।
