दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव: देश के कई हिस्सों में राहत
मौसम में बदलाव का संकेत
देश के विभिन्न हिस्सों में गर्मी की तीव्रता के बीच मौसम में एक सुखद बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के हालिया बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कई क्षेत्रों में अपनी गति को तेज कर दिया है। यह मानसून नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और असम के अधिकांश हिस्सों में तेजी से फैल रहा है, जिससे वहां का तापमान कम हो गया है।
आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसूनी हवाओं के आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय स्थितियां अनुकूल रहेंगी। इसके परिणामस्वरूप, मानसून जल्द ही महाराष्ट्र, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ अन्य हिस्सों में दस्तक देगा। इन राज्यों के किसान इस मानसूनी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो खेती के मौसम की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने अगले सात दिनों के लिए दक्षिणी और पूर्वोत्तर भारत के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। विशेष रूप से कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में 8 से 10 जून के बीच रिकॉर्ड तोड़ बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का बदलाव
दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर के बाद तेज आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, और कुछ समय के लिए यह 70 किलोमीटर तक भी पहुंच सकती है।
उत्तर भारत में लू की वापसी
हालांकि, दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को मिलने वाली यह राहत अस्थायी होगी। आने वाले दिनों में तापमान फिर से तेजी से बढ़ेगा और अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाएगा। मौसम विभाग ने 8 से 11 जून के बीच दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के मैदानी क्षेत्रों में हीटवेव चलने की चेतावनी दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासियों को मानसूनी बारिश के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
