दिल्ली के होटल में आग से 21 लोगों की मौत, सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल
दिल्ली के मालवीय नगर में भयंकर आग
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है, जिस पर कई सवाल उठ रहे हैं। मृतकों में 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के लोग हैं।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी
रिपोर्टों के अनुसार, जिस होटल और इमारत में आग लगी, वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। सवाल यह उठता है कि जब सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, तो गैर इरादतन हत्या का मामला क्यों दर्ज किया गया? क्या यह मान लेना सही है कि नियमों का उल्लंघन करने से किसी की हत्या का इरादा नहीं था?
फायर NOC की कमी
मुख्य अग्निशामक अधिकारी अभिलाष मलिक ने बताया कि अग्निशामक टीम ने 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने यह भी कहा कि बिल्डिंग के पास फायर NOC नहीं था, जबकि होटल में 25 कमरे थे।
होटल में सुरक्षा की अनियमितताएं
- होटल में केवल 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां 25 कमरे बनाए गए थे।
- आग लगने के बाद होटल के रेस्टोरेंट के बेसमेंट में भी कई लोग फंसे हुए थे, और वहां जाने और बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था।
- सीलबंद कांच की खिड़कियों, सेंसर संचालित दरवाजों, जो आग लगने पर काम करना बंद कर देते हैं, और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन ने होटल को एक खतरनाक जाल में बदल दिया, जिससे कई लोगों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था।
दिल्ली में आग की घटनाएं
पिछले छह महीनों में दिल्ली में आग लगने की विभिन्न घटनाओं में 66 लोगों की जान जा चुकी है।
