दिल्ली में इमारत गिरने की घटना: 8 लोगों के दबे होने की आशंका
दिल्ली में इमारत गिरने की घटना
रविवार दोपहर को दिल्ली के साउथ वेस्ट क्षेत्र में सत्य निकेतन मोती बाग में एक इमारत अचानक गिर गई। इस घटना के पीछे बारिश को कारण बताया जा रहा है, जिसमें 8 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। दमकल विभाग को लगभग 1:30 से 1:35 बजे सूचना मिली, जिसके बाद कई दमकल गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य जारी है। यह घटना 2026 में दिल्ली में इमारतों के गिरने की घटनाओं की एक नई कड़ी है, जिसमें अवैध निर्माण, लापरवाही और मौसम की भूमिका बार-बार सामने आई है.
2026 में दिल्ली में गिरने वाली इमारतें
1. सैदुलाजाब (साकेत मेट्रो स्टेशन के पास) – 30 मई 2026
दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजाब में वेस्टर्न मार्ग पर एक बहुमंजिला कमर्शियल इमारत ढह गई। इस इमारत में अवैध रूप से अतिरिक्त मंजिलें जोड़ी जा रही थीं।
- मौतें: 6
- घायल: 8
ज्यादातर पीड़ित छात्र और एक कैंटीन संचालिका थीं। मालिक करमबीर सेजवाल और ठेकेदारों को गिरफ्तार किया गया। जांच में MCD की लापरवाही और अवैध निर्माण की पुष्टि हुई। मजिस्ट्रेट जांच में भी MCD को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया.
2. रोहिणी सेक्टर-16 – 8/9 जुलाई 2026
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बारिश के दौरान एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत गिर गई।
- मौतें: 3
कई लोगों को बचाया गया। मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। बारिश और निर्माण की कमियों को कारण माना गया.
3. करोल बाग (रेगरपुरा, प्यारे लाल रोड) – 21 अगस्त 2026
केंद्रीय दिल्ली के करोल बाग में एक पुरानी इमारत को बिना अनुमति ध्वस्त करते समय यह ढह गई।
- मौतें: 1
- घायल: 3
मालिकों और ठेकेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। अनुमति न लेने को प्रमुख वजह बताया गया.
4. सत्य निकेतन (मोती बाग) – 6 सितंबर 2026 (चल रही घटना)
2026 में अब तक इन प्रमुख घटनाओं में कम से कम 10 मौतें हो चुकी हैं। सत्य निकेतन की घटना में मौतों की पुष्टि अभी बाकी है। विशेषज्ञ और जांच रिपोर्ट्स बार-बार अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिलें जोड़ने, MCD/नगर निगम की निगरानी में कमी और बारिश/कमजोर संरचना को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। पहले भी दिल्ली में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जा रहा.
अधिकारियों ने अवैध निर्माण पर सख्ती बरतने और पुरानी इमारतों की जांच का वादा किया है। सत्य निकेतन के बचाव अभियान की ताजा जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग से संपर्क बनाए रखें.
