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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP नेताओं की गिरफ्तारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब वे प्रदर्शन के इरादे से पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें गेट से कूदने के बाद हिरासत में लिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर नारेबाजी और इस्तीफे की मांग उठी है। जानें इस मामले में आगे क्या होने वाला है और उच्च न्यायालय में सुनवाई का क्या असर होगा।
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जंतर-मंतर पर फिर से हंगामा


नई दिल्ली: जंतर-मंतर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। जानकारी के अनुसार, दोनों नेता अपने कुछ समर्थकों के साथ प्रदर्शन करने के इरादे से वहां पहुंचे थे। यह कार्रवाई उस समय हुई जब इस ऐतिहासिक स्थल पर धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध का मामला पहले से अदालत में विचाराधीन है। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और उच्च न्यायालय की सुनवाई पर है।


गेट फांदकर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश

सूत्रों के अनुसार, सौरव दास, आशुतोष रांका और CJP के अन्य सदस्य जंतर-मंतर के निकट स्थित जेडीयू कार्यालय के परिसर से अंदर दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने गेट से कूदकर जंतर-मंतर के एक हिस्से में प्रवेश किया। वहां मौजूद दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर सकती है।


नारेबाजी और इस्तीफे की मांग

आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें 'भारत माता की जय' के नारे सुनाई दे रहे हैं। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इस घटना पर चर्चा और बढ़ गई है।




पिछले शनिवार की गिरफ्तारी

इससे पहले, शनिवार को भी CJP के तीन सदस्यों अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया था। ये तीनों ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें विमान से ही हिरासत में ले लिया। इस प्रकार, चार दिनों में यह दूसरी बार है जब इन नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई हुई है।


नए प्रदर्शन स्थलों का निर्धारण

सोमवार को, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाने का बड़ा निर्णय लिया, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए। अब प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड को निर्धारित किया गया है। इस फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में आज सुनवाई होगी। अदालत प्रदर्शन के दौरान 'बाहरी लोगों' के घुसने और प्रदर्शनकारियों को परेशान किए जाने के आरोपों वाली एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई करने को सहमत हुई है।