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दिल्ली में त्योहारों के दौरान मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई

दिल्ली में त्योहारों के दौरान मिलावट और खराब खाद्य सामग्री की बिक्री को रोकने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने एक सख्त अभियान शुरू किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने निहाल विहार और मोरी गेट खोया मंडी में छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में खराब खाद्य सामग्री नष्ट की गई। इस कार्रवाई में 13 स्थानों की जांच की गई और 14 नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए एकत्र किया गया। मुख्यमंत्री ने लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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मुख्यमंत्री की पहल से तेज हुआ अभियान

दिल्ली में त्योहारों के समय मिलावट और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने निहाल विहार और मोरी गेट खोया मंडी में अचानक छापेमारी की। इस दौरान कुल 922 किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया।


निहाल विहार में 13 स्थानों की जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग ने निहाल विहार में बिना लाइसेंस के चल रही रसगुल्ला बनाने वाली इकाइयों और मिठाई की दुकानों सहित 13 स्थानों का निरीक्षण किया। यहां मिठाइयां अस्वच्छ परिस्थितियों में बनती पाई गईं। टीम ने 265 किलो रसगुल्ले, 45 किलो छेना, 80 किलो मिल्क केक और 12 किलो कसा हुआ नारियल समेत कुल 402 किलो खाद्य सामग्री को नष्ट किया।


मिठाइयों के 14 नमूनों की जांच

विभाग ने प्रयोगशाला जांच के लिए 14 नमूने भी एकत्र किए, जिनमें छेना के छह, मिल्क केक और रसगुल्ले के दो-दो तथा मोतीचूर लड्डू, आटे के लड्डू, रसभरी और पनीर के एक-एक नमूने शामिल हैं। विभाग के अनुसार, 26 अगस्त को भी यहां कार्रवाई की गई थी। इस बार व्यापारियों को चौंकाने के लिए छुट्टी के दिन अलग-अलग टीमें भेजी गईं।


मोरी गेट में 520 किलो खोया और छेना नष्ट

मोरी गेट खोया मंडी में टीम को दुर्गंध वाला 370 किलो खोया और 150 किलो छेना लावारिस हालत में मिला। इसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जांच के लिए खोया के तीन नमूने भी लिए गए। इससे पहले 4 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर इसी मंडी में 3,050 किलो खोया और पनीर नष्ट किया गया था।


मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोगों की सेहत और खाद्य पदार्थों की शुद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग को नियमित निगरानी, औचक निरीक्षण और नमूनों की जांच जारी रखने के निर्देश दिए। विभाग के अनुसार, दोषी व्यापारियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कराने और लाइसेंस रद्द करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। त्योहारों तक यह अभियान जारी रहेगा।