दिल्ली में पुरानी इमारत का ढहना: तीन की मौत, कई घायल
दिल्ली विश्वविद्यालय के पास इमारत का ढहना
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट सत्य निकेतन में रविवार को एक पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में कई लोग मलबे में दब गए हैं। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि छह गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
बारिश के बाद इमारत में पानी भर गया
घटनास्थल पर मौजूद एक गवाह राम ने बताया कि इमारत काफी पुरानी थी और इसमें पीजी चल रहा था। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद बेसमेंट में पानी भर गया था, जिसके कारण इमारत ढह गई। घटना दोपहर एक बजे के आसपास हुई। उनके अनुसार, इमारत में पांच से छह मंजिलें थीं और रविवार होने के कारण वहां लगभग 30 से 40 छात्र मौजूद हो सकते थे।
रेनोवेशन का काम चल रहा था
गवाह ने बताया कि यह इमारत सत्य निकेतन के शुरुआती दिनों की थी। पहले इसमें केवल एक या दो मंजिलें थीं, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि बेसमेंट में काम चल रहा था, लेकिन खुदाई की पुष्टि नहीं की। राम ने बताया कि इलाके की कई इमारतों में बेसमेंट हैं, जो बारिश के दौरान भर जाते हैं और पानी निकालने के लिए पंप का उपयोग करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री रेखा ने कहा कि इमारत पुरानी थी और उसमें निर्माण कार्य चल रहा था। उनके अनुसार, बेसमेंट में खुदाई के कारण पिलर प्रभावित हुआ और इमारत गिर गई। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मलबे में दबे लोगों की खोज जारी
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया गया। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों ने काम शुरू किया। अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और छह घायलों की हालत गंभीर है। सभी गंभीर घायलों का इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में किया जा रहा है। हादसे की असली वजह की जांच महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि गवाहों ने पानी भरने और बेसमेंट में काम को कारण बताया है।
