दिल्ली में मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन अभियान शुरू
मतदाता सत्यापन प्रक्रिया का आगाज
दिल्ली में मतदाता सूची के सत्यापन की एक नई प्रक्रिया आज से आरंभ हो गई है। निर्वाचन विभाग ने इस बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने की योजना बनाई है। यह अभियान सामान्य पुनरीक्षण की तुलना में अधिक विस्तृत और गहन है। लगभग 13,000 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अगले चार महीनों में मतदाताओं से सीधे संपर्क करेंगे। इस दौरान, प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र भरकर आवश्यक जानकारी प्रदान करनी होगी। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
घर-घर सत्यापन अभियान की शुरुआत
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, आज से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत लगभग 13,000 बीएलओ राजधानी के सभी क्षेत्रों में घर-घर जाकर पहुंचेंगे। वे प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां देंगे। मतदाताओं को एक प्रति भरकर बीएलओ को लौटानी होगी, जबकि दूसरी प्रति पावती के साथ अपने पास सुरक्षित रखनी होगी।
2002 की मतदाता सूची के आधार पर जानकारी
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान मतदाताओं को वर्ष 2002 में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची के आधार पर अपनी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। यदि उस समय मतदाता का नाम सूची में नहीं था, तो माता या पिता से संबंधित आवश्यक विवरण गणना प्रपत्र में दर्ज करना होगा, जिससे सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जा सके।
दूसरे राज्यों से आए मतदाताओं का सत्यापन
इस अभियान के दौरान उन मतदाताओं का भी सत्यापन किया जाएगा, जो 2002 के बाद दूसरे राज्यों से दिल्ली आए हैं। निर्वाचन विभाग उनकी जानकारी पुराने राज्य की मतदाता सूची से मिलाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक राज्यों की वोटर लिस्ट में दर्ज न हो। आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
फर्जी और दोहरे पंजीकरण पर ध्यान
निर्वाचन विभाग इस अभियान के दौरान फर्जी, दोहरे और अपात्र मतदाताओं की पहचान पर विशेष ध्यान देगा। इसके अलावा, जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है या जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं, उनके रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जाएगा। उद्देश्य केवल पात्र मतदाताओं को सूची में बनाए रखना और सभी त्रुटियों को दूर करना है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। इसके बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी। 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। 3 अक्टूबर तक सभी आपत्तियों का निस्तारण होगा, जबकि 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाता बाद में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
