दिल्ली में मानव तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़, नाबालिग लड़कियों को किया गया था शिकार
दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी के नेटवर्क का किया खुलासा
दिल्ली पुलिस ने एक मानव तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग लड़कियों को फंसाने का काम कर रहा था। आरोपियों पर यह आरोप है कि वे लड़कियों को बेहतर जीवन और उच्च वेतन वाली नौकरियों का लालच देकर उन्हें अन्य राज्यों में ले जाते थे। पुलिस के अनुसार, ये लोग स्पा सेंटर और होटलों में नौकरी दिलाने का वादा करते थे। सोशल मीडिया पर संपर्क स्थापित करने के बाद, लड़कियों से बातचीत बढ़ाई जाती थी और उन्हें नौकरी के बहाने दिल्ली से बाहर भेज दिया जाता था।
लापता लड़की की शिकायत से खुला मामला
यह मामला 9 मई को तब सामने आया जब एक 15 वर्षीय लड़की के लापता होने की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज की जांच की, लेकिन कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला। इसके बाद, जांच टीम ने लड़की के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच शुरू की। पुलिस को इंस्टाग्राम पर एक ऐसे अकाउंट का पता चला, जिसने लड़की को लगातार संदेश भेजे थे।
इन संदेशों में अच्छी नौकरी, बेहतर जीवन और उच्च वेतन का लालच दिया गया था। पुलिस को संदेह हुआ कि लड़की को किसी योजना के तहत दिल्ली से बाहर ले जाया गया है।
इंस्टाग्राम गतिविधियों से गुजरात तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान, पुलिस ने लड़की की इंस्टाग्राम गतिविधियों का ट्रैक किया। इससे पता चला कि लड़की गुजरात के मुंद्रा पहुंच चुकी है। इसके बाद, दिल्ली पुलिस की टीम गुजरात गई और स्थानीय पुलिस की सहायता से एक होटल में चल रहे स्पा सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने वहां से लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान, स्पा सेंटर से जुड़े दामनी, सुशील और हरेश को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दो अन्य नाबालिगों को भी हिरासत में लिया।
जांच आगे बढ़ने पर, पुलिस को उत्तर प्रदेश के बलिया में भी इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी मिली। इसके बाद, दिल्ली पुलिस की टीम ने वहां भी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, बलिया के मेलोडी स्पा सेंटर से सात लड़कियों को बचाया गया। इस कार्रवाई में मोनू, सोनू और संजीव मौर्य को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन आरोपियों की भूमिका नेटवर्क में क्या थी और लड़कियों को किस प्रकार यहां तक पहुंचाया गया।
