दिल्ली सरकार ने 23 नई सेवाओं को समयबद्ध सेवा कानून में शामिल किया
नई दिल्ली: समयबद्ध सेवाओं का विस्तार
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने आम जनता और व्यापारियों के लिए 23 नई सेवाओं को समयबद्ध सेवा कानून के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत अब लाइसेंस, एनओसी, होटल पंजीकरण, सीवर कनेक्शन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध होंगी। सरकार का मानना है कि इससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
इन सेवाओं को 2011 के दिल्ली राइट ऑफ सिटिजन टू टाइम बाउंड डिलिवरी ऑफ सर्विसेज एक्ट के तहत जोड़ा गया है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं समय पर मिलें। यदि किसी सेवा में देरी होती है, तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।
दिल्ली सरकार का दृष्टिकोण
दिल्ली सरकार का क्या है कहना?
दिल्ली सरकार के अनुसार, इस पहल से न केवल आम जनता बल्कि होटल, पर्यटन, निर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों को भी विशेष लाभ होगा। विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमतियां, लाइसेंस, पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाणपत्र अब निश्चित समय सीमा में जारी किए जाएंगे। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों और व्यापारियों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि नई व्यवस्था से सरकारी कार्य अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगा, जिससे लोगों को अपने कार्यों के लिए अनिश्चित समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
नई व्यवस्था की विशेषताएँ
क्या है नई व्यवस्था?
नई व्यवस्था के तहत, दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज कनेक्शन 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा। बिजली विभाग बिजली मीटर से संबंधित आवेदन और कनेक्शन समझौते की प्रक्रिया 60 दिनों में पूरी करेगा। खाद्य व्यवसाय से जुड़े राज्य लाइसेंस के लिए स्थानीय निकाय की एनओसी भी 60 दिनों के भीतर जारी की जाएगी।
इसी प्रकार, होटल पंजीकरण और संचालन अनुमति के लिए अधिकतम 60 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। बूचड़खाना लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया भी 60 दिनों में पूरी की जानी चाहिए। मोबाइल टावर स्थापना की अनुमति 30 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी। सरकार का कहना है कि समय सीमा तय होने से आवेदकों को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिलेगी और काम में अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी।
