ED की मोहाली में जीएमएडीए कार्यालय पर छापेमारी: रियल एस्टेट मामले की जांच
ईडी की कार्रवाई का विवरण
ईडी की छापेमारी: मोहाली में जमीन और रियल एस्टेट से संबंधित मामलों की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को महत्वपूर्ण कार्रवाई की। ईडी की टीम ने ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण (GMADA) के कार्यालय में छापे मारे, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान भी सुरक्षा के लिए तैनात थे। जांच एजेंसी ने जीएमएडीए से जुड़े कई दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। यह कार्रवाई जमीन के उपयोग में बदलाव की मंजूरी और निजी रियल एस्टेट कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने से संबंधित है।
जीएमएडीए कार्यालय की सीलिंग
ईडी की टीम ने जीएमएडीए कार्यालय में पहुंचकर विभिन्न मामलों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान कार्यालय की तीन मंजिलों को सील कर दिया गया। जांच एजेंसी ने शीर्ष अधिकारियों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिए। जीएमएडीए के संपदा अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य प्रशासक और मुख्य अभियंता समेत वरिष्ठ अधिकारियों को आवास एवं शहरी विकास विभाग के सचिव के कमरे में बुलाकर पूछताछ की गई।
जांच के दायरे में मामले
ईडी की कार्रवाई में रेमिगेट मामले से जुड़े रिकॉर्ड भी शामिल हैं। इसके अलावा, निजी बिल्डरों को जमीन के उपयोग में बदलाव की मंजूरी देने से संबंधित अन्य मामलों के दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। यह प्रक्रिया सामान्यतः किसी जमीन के मौजूदा उपयोग को बदलकर उसे आवासीय, व्यावसायिक या अन्य उपयोग के लिए मंजूरी देने के रूप में समझी जाती है।
मोहाली और अन्य स्थानों पर कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई केवल जीएमएडीए कार्यालय तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसी ने मोहाली, चंडीगढ़, लुधियाना और दिल्ली में भी कई स्थानों पर तलाशी ली। पंजाब के आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव और आईएएस अधिकारी विकास गर्ग से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली गई।
सनटेक सिटी और अल्टस स्पेस की जांच
जीएमएडीए से जुड़ी यह कार्रवाई मोहाली और न्यू चंडीगढ़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से संबंधित कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच का हिस्सा है। इसमें सनटेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े मामले प्रमुख हैं। ईडी ने इनसे जुड़े पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए खरड़ की अदालत का रुख किया था।
348 करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच
सनटेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े मामले में लगभग 348 करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच भी चल रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जमीन के उपयोग में बदलाव और अन्य सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है।
पिछली कार्रवाई का संदर्भ
इस मामले की जांच में ईडी ने मई 2026 में भी मोहाली और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। उस समय एजेंसी ने सनटेक सिटी परियोजना और उससे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी ली थी।
