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मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से मौतों पर दिग्विजय सिंह के गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अवैध वसूली की जांच की मांग की और शराब माफिया के संरक्षण का आरोप लगाया। दिग्विजय ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा न देने के लिए सरकार की आलोचना की और मृतकों के परिवारों की जिम्मेदारी लेने का ऐलान किया। जानें इस मामले में और क्या हुआ।
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सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों पर राजनीतिक हलचल


मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मृत्यु के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रविवार को पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से अवैध वसूली की जांच कराने की मांग की।


हर महीने 50 लाख रुपये की वसूली का आरोप

सागर में दिग्विजय सिंह ने प्रभावित परिवारों और स्थानीय कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी अनुराग सुजानिया हर महीने 50 लाख रुपये की वसूली कर रहे हैं। दिग्विजय ने कहा कि यदि उनके आरोप गलत हैं, तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने आरोप अदालत में साबित करने के लिए तैयार हैं।


शराब माफिया के संरक्षण का आरोप

दिग्विजय सिंह ने जहरीली शराब कांड के पीछे शराब माफिया और प्रशासन के बीच कथित गठजोड़ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले मुरैना में भी जहरीली शराब से कई लोगों की जान गई थी, और उस समय भी अनुराग सुजानिया वहां के पुलिस अधीक्षक थे। सागर में भी उनकी तैनाती के दौरान ऐसी घटना होने का हवाला देते हुए उन्होंने जांच की मांग की।


न्यायिक जांच पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने मामले में चल रही न्यायिक जांच को लेकर भी संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और एजेंसियों से जांच कराई जा रही है, उन पर उन्हें भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि जब किसी मामले में लीपापोती करनी होती है, तो न्यायिक जांच का सहारा लिया जाता है। उन्होंने शराब कारोबारियों और राजनेताओं के बीच कथित संबंधों की भी जांच कराने की मांग की।


पीड़ित परिवारों की जिम्मेदारी लेने का ऐलान

दिग्विजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पीड़ित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि प्रभावित परिवारों को कितना मुआवजा मिलेगा और कब भुगतान होगा। इस बीच, उन्होंने मृतक भोला अहिरवार, राम स्वरूप अहिरवार, भोपाली आदिवासी और धन सिंह अहिरवार के परिवारों को गोद लेने की घोषणा की। उन्होंने प्रत्येक परिवार को हर महीने 10 हजार रुपये देने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने का वादा किया। वहीं, एसपी अनुराग सुजानिया ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।