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मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल: 19 महीने के बच्चे की आंखों की रोशनी गई

मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक परिवार ने आरोप लगाया है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के कारण उनके 19 महीने के बेटे की आंखों की रोशनी चली गई। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल।
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सागर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल


मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के कारण उनके 19 महीने के बेटे की दोनों आंखों की रोशनी चली गई। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है, और सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट पर है।


बच्चे का इलाज अस्पताल में हुआ

जानकारी के अनुसार, भूसा कमलपुर गांव के निवासी इन्द्राज विश्वकर्मा ने अपने 7 महीने के बेटे विनय को 29 मई 2026 को सर्दी और आंखों में लालिमा की समस्या के चलते सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिवार का कहना है कि डॉक्टर ने जांच के बाद दवाएं और इंजेक्शन देकर इलाज शुरू किया।


परिवार ने लापरवाही का आरोप लगाया

परिवार का कहना है कि दवा देने के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, बल्कि वह लगातार बिगड़ती गई। गंभीर हालत में पहले उसे जिला अस्पताल भेजा गया, और फिर बेहतर इलाज के लिए एम्स भोपाल रेफर किया गया, जहां उसकी विस्तृत जांच की गई।


एम्स में स्थिति गंभीर पाई गई

पीड़ित पिता का दावा है कि एम्स भोपाल में चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है। उनका आरोप है कि यह स्थिति चिकित्सकीय लापरवाही या गलत उपचार के कारण उत्पन्न हुई। हालांकि, इस मामले की आधिकारिक जांच अभी भी जारी है।


पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

इन्द्राज विश्वकर्मा ने बंडा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित डॉक्टर और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वह डॉक्टर को पहचानते हैं, लेकिन उनका नाम नहीं जानते। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।


जांच रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा निर्णय

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. योगेंद्र खटीक के अनुसार, पूरे मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।