सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों पर प्रशासन की कार्रवाई
सागर में जहरीली शराब से मौतों का मामला
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में अवैध या जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों ने हड़कंप मचा दिया है। अब तक 11 लोगों की मौत की सूचना मिली है, जबकि कलेक्टर ने 10 मौतों की पुष्टि की है। कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं और कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य टीमों ने गांवों में की मरीजों की जांच
यह मामला बंडा थाना क्षेत्र के नौराज और घुघरा खुर्द गांवों से संबंधित है। शनिवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे प्रशासन को पहली सूचना मिली। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर शराब पीने वाले लोगों की जांच करने लगीं। जिनमें बीमारी के लक्षण पाए गए, उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने और अकड़न की शिकायत भी सामने आई है। प्रशासन ने संदिग्ध मरीजों के लिए अलग बेड भी सुरक्षित किए हैं।
मिथाइल अल्कोहल की संभावना और ललितपुर कनेक्शन
कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिथाइल अल्कोहल के सेवन की संभावना जताई गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से हो रही थी। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ललितपुर में भी कथित शराब नेटवर्क की जांच की जा रही है। प्रशासन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और शराब के नमूनों की जांच के आधार पर मौतों की असली वजह जानने में जुटा है।
छह शराब दुकानों को सील किया गया
घटना के बाद सागर के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी प्रभावित गांवों में पहुंचे। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर इलाके की छह शराब दुकानों को सील कर सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि शराब पीने के बाद उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों, तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाएं। अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार पर विपक्ष के सवाल और मुआवजे की मांग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सिंघार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए अवैध शराब के नेटवर्क पर सवाल उठाए। कांग्रेस के पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने दावा किया कि पिछले तीन-चार दिनों में हजारों लोगों ने यह शराब पी है और दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज करने तथा मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
