NCR में बारिश के कहर से 10 लोगों की मौत: प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
दिल्ली में बारिश के कारण हुई जानलेवा घटनाएं
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हालिया मानसून की बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं जलभराव और सुरक्षा की कमी के कारण कई जानें चली गईं। पिछले 48 घंटों में नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, फरीदाबाद और सोनीपत में अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की जान गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ है। इन घटनाओं ने प्रशासन की तैयारियों और बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नोएडा में हुई एक युवा इंजीनियर की मौत
नोएडा में हुई दर्दनाक घटना
नोएडा के सेक्टर-58 में एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवा इंजीनियर आर्यन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया गया है कि जलभराव के कारण वह नाले पर बनी स्लैब से गुजर रहे थे, तभी बिजली के खंभे में करंट आने की आशंका के चलते उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में गिर गए। परिजनों ने इस घटना के लिए स्थानीय प्राधिकरण और बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
गाजियाबाद में बच्चे का शव बरामद
गड्ढे में बरामद हुआ बच्चे का शव
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक छह वर्षीय बच्चे का शव बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे से निकाला गया। इसी तरह, हापुड़ में रेलवे लाइन के पास एक व्यक्ति का शव जलभराव वाले गड्ढे में मिला। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में एक आठ वर्षीय छात्र बारिश के पानी में नहाते समय डूब गया, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सोनीपत में युवक की डूबने से मौत
बारिश में डूबकर कर व्यक्ति की हुई मौत
सोनीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भर जाने से एक युवक की डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि निर्माण स्थल पर उचित बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे।
प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल
इन घटनाओं के बाद प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि बारिश से पहले जलनिकासी, खुले नालों, गड्ढों और बिजली के खंभों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती, तो कई हादसों को टाला जा सकता था। फिलहाल विभिन्न मामलों की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा जा रहा है।
