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NEET पेपर लीक पर छात्रों का गुस्सा: सोनम वांगचुक का समर्थन, पुणे में बड़ा प्रदर्शन

NEET परीक्षा में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आक्रोश अब सड़कों पर देखने को मिल रहा है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आंदोलन इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आज पुणे में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है, जिसमें जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल होंगे। CJP ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है और अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। सोशल मीडिया पर भी इस आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
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NEET पेपर लीक पर छात्रों का गुस्सा: सोनम वांगचुक का समर्थन, पुणे में बड़ा प्रदर्शन

मुंबई में NEET पेपर लीक पर बढ़ता विरोध


मुंबई: NEET परीक्षा में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश अब सड़कों पर देखने को मिल रहा है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आंदोलन इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आज शाम 4 बजे पुणे के सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में CJP ने एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है।


शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

CJP इसे 'युवा न्याय आंदोलन' के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। इस दौरान उनकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। संगठन का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।


सोनम वांगचुक का समर्थन

सोनम वांगचुक होंगे शामिल 


उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग कर रहा है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस प्रदर्शन में शामिल होने का निर्णय लिया है। वांगचुक लंबे समय से शिक्षा सुधार और युवाओं के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहे हैं, जिससे इस आंदोलन को और अधिक समर्थन मिल रहा है।


विरोध प्रदर्शन के स्थान

कहां-कहां पर होगा आदोलन 


CJP ने पुणे के अलावा लखनऊ, जयपुर, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। संगठन का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय लगातार विवादों के बावजूद जवाबदेही तय करने से बच रहा है। छात्रों का कहना है कि यदि देश की सबसे बड़ी परीक्षाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो मेहनत और मेरिट पर भरोसा कैसे किया जा सकता है?


सोशल मीडिया पर समर्थन

सोशल मीडिया पर भी मिल रहा समर्थन 


इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। #NEETProtest और #DharmendraPradhanResign जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। CJP का कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं हैं, बल्कि छात्रों की आवाज हैं, जो शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।