अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को ढेर किया
पुलिस को मिली बड़ी सफलता
अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के संदर्भ में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शनिवार रात को हुई मुठभेड़ में पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक सिंह को मार गिराया, जबकि दूसरा आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नाके पर तैनात पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की।
मुठभेड़ की घटनाक्रम
हरजीत सिंह की हत्या के बाद, पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, टावर डंप और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की। उन्हें आरोपियों और उनके स्कूटर के बारे में जानकारी मिली। शनिवार रात लगभग 9:45 बजे, थांदे रोड पर नाके के दौरान संदिग्ध स्कूटर सवारों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी और भागने लगे। पीछा करते समय उन्होंने फिर से गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। मुठभेड़ में दीपक सिंह घायल हुआ और अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिसकर्मी को लगी गोली
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस टीम पर चार गोलियां चलाईं, जिनमें से दो गोलियां पुलिस की गाड़ी में लगीं। एक गोली CIA स्टाफ के जवान की छाती पर लगी, लेकिन जवान ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में छह गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली दीपक को लगी। पुलिस ने उसके पास से हथियार, मैगजीन, कारतूस, मोबाइल फोन और स्कूटर बरामद किए हैं। दूसरा आरोपी अंधेरे में भाग गया है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की योजना
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, आरोपियों को किसी एक ASI की रेकी करने के बजाय, रास्ते में मिलने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों का एक कथित हैंडलर पाकिस्तान में है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को पैसे और नशे के कारोबार में हिस्सेदारी का लालच दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद वीडियो बनाकर कथित हैंडलर को भेजा गया। अब मोबाइल की फोरेंसिक जांच, लेन-देन और ड्रोन गतिविधियों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी मिल सके।
