अमृतसर में जमीन धोखाधड़ी मामला: कांग्रेस नेता के बेटे पर आरोप
अमृतसर में धोखाधड़ी का मामला
अमृतसर धोखाधड़ी मामला: अमृतसर में एक जमीन सौदे से संबंधित धोखाधड़ी के मामले ने राजनीतिक जगत का ध्यान आकर्षित किया है। कांग्रेस के नेता और पूर्व इंप्रूवमेंट ट्रस्ट चेयरमैन दिनेश बस्सी के बेटे वंश बस्सी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उनके साथ अमित बजाज का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया है। शिकायतकर्ता कंवरदीप सिंह ने दोनों पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।
शिकायत के अनुसार, यह मामला जिला कचहरी के सामने स्थित एक पुरानी जमीन के समझौते से संबंधित है। कंवरदीप सिंह ने बताया कि 26 जून 2023 को संपत्ति के लिए एग्रीमेंट टू सेल किया गया था, जिसमें उन्होंने आरोपितों को 50 लाख रुपये का भुगतान किया था। उनका दावा है कि यह समझौता रद्द नहीं हुआ और इसकी अवधि मौखिक रूप से कई बार बढ़ाई गई थी।
जमीन के दस्तावेजों पर उठे सवाल
कंवरदीप सिंह के अनुसार, बाद में उनकी जानकारी और सहमति के बिना 10 अक्टूबर 2025 को अमित बजाज ने संबंधित दस्तावेज वंश बस्सी के नाम कर दिए। आरोप है कि इसके साथ इकरारनामा भी उनके नाम कर लिया गया, लेकिन पहले दी गई 50 लाख रुपये की रकम वापस नहीं की गई। शिकायत में इसी कार्रवाई को लेकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों और पूरे लेनदेन की जांच कर रही है।
तीसरी पार्टी का नाम सामने आया
कंवरदीप सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि नवंबर में उन्हें पता चला कि दोनों आरोपितों ने आपसी मिलीभगत से वही इकरारनामा किसी तीसरे पक्ष के नाम कर दिया है। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत में जमीन के समझौते, भुगतान और बाद में किए गए दस्तावेजों को मामले की जांच का अहम हिस्सा बताया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज किया
थाना सिविल लाइन की पुलिस ने शिकायत के आधार पर वंश बस्सी और अमित बजाज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अमित बजाज होली सिटी के निवासी हैं, जबकि वंश बस्सी पुराने शहर की घी मंडी के भीतर शहीद भगत सिंह रोड के निवासी हैं। थाना प्रभारी मोहित कुमार के अनुसार, दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। 50 लाख रुपये के भुगतान, एग्रीमेंट टू सेल और बाद में किए गए दस्तावेजों की भूमिका को जांच में देखा जाएगा। आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी। उपलब्ध जानकारी में आरोपित पक्ष का कोई अलग बयान सामने नहीं आया है।
