कपूरथला में लापता युवक की रहस्यमयी कहानी: शव की पहचान पर सवाल
रवि कुमार की लापता होने की घटना
कपूरथला में एक अजीब घटना ने परिवार और पुलिस को चौंका दिया है। रवि कुमार 5 अगस्त से गायब था। कुछ समय बाद कांजली रोड के निकट एक अज्ञात शव मिला, जिसे परिवार ने उसके कपड़ों के आधार पर रवि का मान लिया। 13 अगस्त को उसका अंतिम संस्कार किया गया और भोग भी अदा किया गया। लेकिन इसके बाद जो जानकारी मिली, उसने सबको हैरान कर दिया।
अंतिम संस्कार के बाद का रहस्य
कादूपुर के निवासी रवि कुमार के लापता होने के बाद उसका परिवार कई दिनों तक उसकी खोज करता रहा। 9 अगस्त को पुलिस को कांजली रोड पर एक युवक का शव मिला। शव की पहचान करना मुश्किल था क्योंकि उसकी हालत खराब थी। परिवार ने कपड़ों के आधार पर शव को रवि का बताया। पुलिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया, और 13 अगस्त को अंतिम संस्कार किया गया।
जेल से आया फोन और खुला राज
मामला तब मोड़ लेता है जब कपूरथला केंद्रीय जेल के एक कर्मचारी ने परिवार को फोन किया और बताया कि रवि कुमार जेल में है। परिवार को पहले इस पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब कर्मचारी ने रवि से बात कराने का प्रस्ताव रखा, तो परिवार जेल पहुंचा। वहां उन्होंने रवि को जिंदा देखा, जिससे उनकी आशंका दूर हो गई। पुलिस जांच में पता चला कि रवि 5 अगस्त से जेल में था, जबकि अज्ञात शव 9 अगस्त को मिला था। परिवार के अनुसार, रवि ने बताया कि जालंधर पुलिस ने उसे आवारागर्दी के मामले में पकड़ा था।
पुलिस के सामने पहचान की चुनौती
रवि के जेल में होने की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में भी दर्ज है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि परिवार ने शव की पहचान कैसे की। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि केवल कपड़ों के आधार पर पहचान क्यों की गई और अन्य पहचान के तरीकों का उपयोग क्यों नहीं किया गया। इसके साथ ही, 9 अगस्त को मिला शव किसका था और वह कांजली रोड तक कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच जारी है। DSP शीतल सिंह ने कहा कि लापरवाही की जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जेल सुपरिंटेंडेंट श्यामल ज्योति ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
