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चंडीगढ़ में डिजिटल टिकट प्रणाली का आगाज, यात्रियों को मिलेगी सुविधा

चंडीगढ़ प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल टिकट प्रणाली की शुरुआत की है। अब यात्रियों को बसों में यात्रा करते समय नकद पैसे की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई के माध्यम से टिकट का भुगतान कर सकेंगे। यह नई व्यवस्था 438 बसों में लागू होगी और मोहाली, पंचकूला जैसे क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ पहुंचेगा। खुले पैसों की समस्या से राहत मिलने के साथ ही, यात्रियों को अधिक नकदी लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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चंडीगढ़ प्रशासन का नया कदम


चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब यात्रियों को चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग की बसों में यात्रा करते समय टिकट खरीदने के लिए नकद या छुट्टे पैसे की आवश्यकता नहीं होगी।


यात्रियों के लिए नई सुविधा

यात्री अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन करके यूपीआई के माध्यम से टिकट का भुगतान कर सकेंगे। यह नई प्रणाली यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक टिकट सेवा प्रदान करने के लिए बनाई गई है।


438 बसों में लागू होगी नई व्यवस्था

प्रशासन की योजना ट्राइसिटी क्षेत्र में संचालित सीटीयू की सभी 438 बसों में इस सुविधा को लागू करने की है। वर्तमान में कुछ विशेष रूटों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं को हल करने के बाद इसे धीरे-धीरे सभी बसों में लागू किया जाएगा। यह सुविधा डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों प्रकार की बसों में उपलब्ध होगी।


मोहाली और पंचकूला के यात्रियों को भी लाभ

नई डिजिटल टिकट प्रणाली का लाभ चंडीगढ़ के साथ-साथ मोहाली, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। सेक्टर-17 और सेक्टर-43 अंतरराज्यीय बस अड्डों से चलने वाली बसों में यह सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, पीजीआई, पंजाब विश्वविद्यालय, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, प्रमुख बाजारों, जीरकपुर, खरड़, मनसा देवी, चंडीमंदिर, मलोया, धनास, मौलीजागरां, मनीमाजरा और कुराली जैसे रूटों पर यात्रा करने वाले लोग भी मोबाइल से टिकट का भुगतान कर सकेंगे।


खुले पैसों की समस्या का समाधान

बसों में छोटे मूल्य के टिकट खरीदते समय यात्रियों और परिचालकों को अक्सर खुले पैसों की समस्या का सामना करना पड़ता है। QR कोड आधारित भुगतान शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। यात्री अपने मोबाइल से सीधे किराया जमा कर सकेंगे, जिससे भुगतान की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हो जाएगी। डिजिटल भुगतान से नकद लेने और बाकी पैसे लौटाने में लगने वाला समय भी बचेगा।


नकद और स्मार्ट कार्ड का विकल्प बरकरार

इससे बस स्टॉप पर टिकट जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी और बसों का संचालन अधिक सुचारु हो सकेगा। यात्रियों को अधिक नकदी लेकर चलने की आवश्यकता नहीं रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि UPI सुविधा शुरू होने के बाद भी नकद और स्मार्ट कार्ड से टिकट खरीदने का विकल्प समाप्त नहीं होगा। जो यात्री डिजिटल भुगतान का उपयोग नहीं कर सकते, वे पहले की तरह नकद या स्मार्ट कार्ड के माध्यम से टिकट खरीद सकेंगे।