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चंडीगढ़ में बारिश से मिली गर्मी से राहत, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

रविवार को चंडीगढ़ में हुई बारिश ने गर्मी और उमस से राहत प्रदान की। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे और बारिश की संभावना जताई गई है। ट्राईसिटी में बारिश की तीव्रता भिन्न रही, जबकि खेतों में धान की फसलें पक रही हैं। जानें इस मौसम के बारे में और क्या कहता है मौसम विभाग।
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चंडीगढ़ में मौसम में बदलाव


चंडीगढ़: रविवार को चंडीगढ़ में मौसम अचानक बदल गया, और दोपहर में तेज बारिश हुई। यह उन लोगों के लिए राहत की बात थी जो कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान थे। मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार, 14 सितंबर को भी चंडीगढ़ में बारिश की संभावना है। इसके साथ ही अगले चार दिनों के लिए 'येलो अलर्ट' भी जारी किया गया है।


ट्राईसिटी में बारिश का प्रभाव

रविवार को ट्राईसिटी में मौसम की स्थिति भिन्न रही। मोहाली में दोपहर लगभग 12:30 बजे बारिश शुरू हुई, जिससे कई क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट रोड पर 121 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद, चंडीगढ़ में दोपहर करीब 1:15 बजे भारी बारिश हुई, जिसमें 38.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।


पंचकूला में मौसम की स्थिति

पंचकूला में मौसम कैसा था?


इसके विपरीत, पंचकूला में बारिश का प्रभाव बहुत कम रहा, जहां केवल हल्की और छिटपुट बारिश हुई। इस प्रकार, ट्राईसिटी में बारिश की तीव्रता में भिन्नता देखी गई। चंडीगढ़ और मोहाली में भारी बारिश ने गर्मी से राहत दी, जबकि कुछ क्षेत्रों में ट्रैफिक पर भी असर पड़ा।


मौसम विभाग की भविष्यवाणी

मौसम विभाग ने क्या कहा?


मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून की वापसी में लगभग 15 से 16 दिन शेष हैं; इसलिए आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। अगले चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, और चंडीगढ़ व आसपास के क्षेत्रों में मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है।


फसलों पर बारिश का असर

फसलों पर क्या असर पड़ा?


बारिश का यह मौसम खेतों में भी प्रभाव डाल रहा है। धान की फसल अभी पक रही है, और खेतों के पास से गुजरने वाले लोग बासमती धान की खुशबू का अनुभव कर सकते हैं। खेतों में धान की फसल के पीले और हरे रंग लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। मॉनसून की वापसी से पहले हुई इस बारिश ने किसानों और आम जनता दोनों के लिए मौसम का एक अनोखा अनुभव प्रस्तुत किया है। जहां शहरों को गर्मी और उमस से राहत मिल रही है, वहीं पकती हुई धान की फसलें खेतों की सुंदरता को बढ़ा रही हैं।