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चंडीगढ़ में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू

चंडीगढ़ में सोमवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई है। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि करेंगे। नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और गलत नाम हटाए जाएंगे। निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से आवश्यक पहचान दस्तावेज तैयार रखने की अपील की है। यह अभियान आगामी नगर निगम चुनावों के लिए महत्वपूर्ण है, और 14 जुलाई तक चलेगा। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और क्या दस्तावेज आवश्यक हैं।
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चंडीगढ़ में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू

चंडीगढ़ में मतदाता सूची का अभियान


चंडीगढ़: सोमवार से चंडीगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत हो गई है। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि करेंगे। नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि फर्जी, गलत और दोहराए गए नामों को सूची से हटाया जाएगा। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है।


इस अभियान के दौरान, बीएलओ हर परिवार के सदस्यों की जानकारी की पुष्टि करेंगे, जिसमें नाम, आयु, वर्तमान पता, मतदाता पहचान पत्र और मतदान केंद्र से संबंधित जानकारी शामिल होगी। यदि किसी परिवार में 18 वर्ष की आयु के नए मतदाता हैं, तो उनका नाम भी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


निर्वाचन विभाग की अपील

निर्वाचन विभाग ने क्या कहा?


निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, दसवीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाण पत्र या अन्य आवश्यक पहचान दस्तावेज तैयार रखें। आवश्यकता पड़ने पर बीएलओ इन दस्तावेजों का सत्यापन कर सकते हैं। यदि किसी घर पर पहली बार कोई नहीं मिलता है, तो बीएलओ दोबारा और जरूरत पड़ने पर तीसरी बार भी दौरा करेंगे।


इस वर्ष के अंत में चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव 2026 होने हैं, इसलिए यह पुनरीक्षण अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में एसआईआर का कार्य 14 जुलाई तक चलेगा और इसके आधार पर मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा।


दस्तावेजों की आवश्यकता

किन लोगों को नहीं देना होगा अतिरिक्त पारिवारिक दस्तावेज?


निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हर मतदाता को माता-पिता या दादा-दादी के दस्तावेज दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता और जिनका या उनके परिवार का नाम पुराने मतदाता रिकॉर्ड में मौजूद है, उन्हें अतिरिक्त पारिवारिक दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी।


वहीं, 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ माता या पिता में से किसी एक के पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं से उनके स्वयं के दस्तावेजों के अलावा माता और पिता दोनों के दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में दादा-दादी से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे जा सकते हैं।


चंडीगढ़ में मतदाता संख्या

चंडीगढ़ में वर्तमान में कितने मतदाता?


चंडीगढ़ में लगभग 5.18 लाख पंजीकृत मतदाता हैं, जो 210 मतदान केंद्र स्थलों पर बने 614 मतदान केंद्रों में मतदान करते हैं। एसआईआर अभियान के लिए 614 से अधिक बीएलओ और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1,143 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए गए हैं। अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।