चंडीगढ़ में मानसून के दौरान पौधारोपण अभियान की नई पहल
चंडीगढ़ में हरियाली बढ़ाने का नया अभियान
चंडीगढ़: मानसून के आगमन के साथ, चंडीगढ़ में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू होने जा रहा है। इस बार नगर निगम केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पौधों के संरक्षण और विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। इस उद्देश्य के तहत, शहर में 1.5 लाख से अधिक पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी और प्रत्येक पौधे का हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पौधारोपण अभियानों की वास्तविक सफलता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पौधों की देखभाल के लिए आधुनिक तकनीक
नगर निगम ने मानसून के दौरान एक व्यापक पौधारोपण अभियान की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, प्रत्येक पौधे की सटीक लोकेशन को दर्ज किया जाएगा और उसकी वृद्धि से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखी जाएगी। इससे पौधों की देखभाल और निगरानी पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी।
जियो-टैगिंग और हेल्थ कार्ड की मदद से निगरानी
इस अभियान के तहत लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे के लिए एक विशेष हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें पौधे की प्रजाति, रोपण की तारीख, विकास की स्थिति और रखरखाव से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। जियो-टैगिंग के माध्यम से अधिकारियों को पौधों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में आसानी होगी और उनकी नियमित मॉनिटरिंग संभव होगी।
सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की भूमिका
सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (एसएचजी) को इस अभियान में शामिल किया गया है। ये समूह पौधों के रोपण के साथ-साथ उनकी देखभाल और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निगम का मानना है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पौधारोपण अभियान अधिक सफल और स्थायी बनेगा।
डड्डूमाजरा में होगा बड़ा पौधारोपण
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड क्षेत्र में इस साल का सबसे बड़ा पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा, जहां 10 हजार से अधिक पौधे लगाने की योजना है। इसके अलावा, शहर की ग्रीन बेल्ट, पार्कों, सड़कों के किनारे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे।
नागरिकों को पौधों का वितरण
नगर निगम मानसून के दौरान अपनी नर्सरियों से पौधों का वितरण भी करेगा। शहरवासी अपनी पसंद के पौधे लेकर उन्हें अपने घरों, संस्थानों और आसपास के क्षेत्रों में लगा सकेंगे। निगम को उम्मीद है कि जनभागीदारी के माध्यम से चंडीगढ़ का ग्रीन कवर बढ़ेगा और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।
