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चंडीगढ़ में सुखना चोए पर बनेगा हाईलेवल पुल, बाढ़ से राहत की उम्मीद

चंडीगढ़ में सुखना चोए का लो-लेवल काजवे अब समाप्त होने जा रहा है, क्योंकि प्रशासन ने एक आधुनिक चार लेन का हाईलेवल पुल बनाने की योजना बनाई है। इस परियोजना का उद्देश्य मनीमाजरा, पंचकूला और आईटी पार्क के बीच निर्बाध यातायात सुनिश्चित करना है। पुल के निर्माण से बाढ़ और भारी बारिश के दौरान यातायात प्रभावित नहीं होगा। नया पुल लगभग 500 मीटर लंबा होगा और इसमें साइकिल ट्रैक और फुटपाथ भी होंगे। यह परियोजना शहर की आधारभूत संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी।
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सुखना चोए का लो-लेवल काजवे होगा समाप्त


चंडीगढ़ में बारिश के मौसम में लोगों को परेशान करने वाला सुखना चोए का लो-लेवल काजवे अब समाप्त होने जा रहा है। प्रशासन ने इसके स्थान पर चार लेन का हाईलेवल पुल बनाने की योजना बनाई है, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इस परियोजना की लागत लगभग 17 करोड़ रुपये है, और इसका मुख्य उद्देश्य मनीमाजरा, पंचकूला और आईटी पार्क के बीच निर्बाध यातायात सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का कहना है कि पुल के निर्माण के बाद बाढ़ और भारी बारिश के दौरान यातायात प्रभावित नहीं होगा।


निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत

चंडीगढ़ प्रशासन ने इस परियोजना के लिए निर्माण एजेंसी का चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर जारी किए जा चुके हैं, और लक्ष्य है कि एक वर्ष के भीतर पुल का निर्माण पूरा किया जाए। यह परियोजना शहर की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना योजनाओं में से एक मानी जा रही है।


पुल की विशेषताएँ

नया पुल लगभग 500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा होगा। इसमें चार लेन के साथ-साथ दोनों ओर साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए दो-दो मीटर चौड़े फुटपाथ भी होंगे। यह पुल सेक्टर-26 के टी-पॉइंट को मनीमाजरा के शास्त्री नगर क्षेत्र से जोड़ेगा।


यातायात सुधार के लिए अतिरिक्त उपाय

पुल के अलावा, आसपास के यातायात ढांचे को भी बेहतर बनाया जाएगा। सेक्टर-26 जंक्शन को ऊंचा किया जाएगा, और ट्रांसपोर्ट चौक की ओर नई स्लिप रोड बनाई जाएगी। मनीमाजरा जाने वाले वाहनों के लिए फ्री लेफ्ट टर्न की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे जाम की समस्या में कमी आएगी।


बारिश के दौरान समस्याएँ

वर्तमान काजवे हर साल मानसून के दौरान जलमग्न हो जाता है। वर्ष 2023 की बाढ़ में सुखना झील से छोड़े गए पानी ने इसे नुकसान पहुँचाया था, जिसके कारण कई दिनों तक यातायात ठप रहा। इसी अनुभव के आधार पर प्रशासन ने स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने का निर्णय लिया।


लाभार्थियों की संख्या

यह मार्ग पंचकूला, मनीमाजरा और आईटी पार्क के बीच एक प्रमुख संपर्क कड़ी है। इसी रास्ते से लोग हाईकोर्ट, सचिवालय, सुखना लेक और शहर के उत्तरी सेक्टरों तक पहुँचते हैं। प्रशासन का मानना है कि नया पुल न केवल संपर्क को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी शहर की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखेगा।