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चंडीगढ़ में सौर ऊर्जा से संचालित ब्लिंकर की स्थापना, सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई दिशा

चंडीगढ़ प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा आधारित ब्लिंकर लगाने का निर्णय लिया है। ये ब्लिंकर बिना बिजली के कनेक्शन के काम करेंगे और रात में वाहन चालकों को संभावित खतरों के बारे में सतर्क करेंगे। प्रशासन ने स्थानों का चयन ट्रैफिक पुलिस की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया है, जिससे सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। जानें इस पहल के बारे में और कैसे यह सड़क सुरक्षा को मजबूत करेगी।
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सड़क सुरक्षा के लिए सौर तकनीक का उपयोग


चंडीगढ़ प्रशासन सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित तकनीक का उपयोग करने जा रहा है। शहर की विभिन्न सड़कों पर ऐसे ब्लिंकर लगाए जाएंगे, जो बिना बिजली के कनेक्शन के रात में वाहन चालकों को संभावित खतरों और संवेदनशील स्थानों के बारे में सचेत करेंगे। इन सोलर ब्लिंकर की स्थापना के लिए प्रशासन ने लगभग 86.30 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। ब्लिंकर लगाने के लिए स्थानों का चयन चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।


दिन में सूर्य की रोशनी से चार्ज होंगे ब्लिंकर

ये प्रस्तावित ब्लिंकर सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। दिन के समय, इनमें लगी बैटरी सूर्य की रोशनी से चार्ज होगी, और रात में इसी ऊर्जा का उपयोग ब्लिंकर को रोशन करने के लिए किया जाएगा। इस व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इन्हें चलाने के लिए किसी अतिरिक्त बिजली कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होगी। इससे बिजली की लाइन बिछाने का खर्च भी बचेगा और इनके संचालन में बिजली की नियमित खपत भी नहीं होगी।


रात में वाहन चालकों को मिलेगा पूर्व सूचना

सड़कों पर लगाए जाने वाले ब्लिंकर को दूर से देखने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा। इनका मुख्य उद्देश्य उन स्थानों पर वाहन चालकों को पहले से सतर्क करना है, जहां सड़क सुरक्षा के लिए अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। रात के समय कम रोशनी या सीमित दृश्यता के कारण कई बार वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और संभावित खतरों का अंदाजा देर से होता है। ऐसे में चमकते हुए ब्लिंकर उन्हें पहले से संकेत दे सकते हैं, जिससे वे अपनी गति कम कर सावधानी से आगे बढ़ सकें।


सुरक्षा के लिए सही स्थानों का चयन

प्रशासन ने ब्लिंकर लगाने के लिए स्थानों का चयन मनमाने तरीके से करने के बजाय ट्रैफिक पुलिस की सर्वे रिपोर्ट को आधार बनाने का निर्णय लिया है। सर्वे में जिन स्थानों को सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील पाया गया है, वहां इन्हें प्राथमिकता के आधार पर लगाया जाएगा। इससे व्यवस्था को उन जगहों पर केंद्रित करने में मदद मिलेगी, जहां रात के समय वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता होती है।


बिजली कनेक्शन की आवश्यकता नहीं

सौर ऊर्जा पर आधारित होने के कारण इन ब्लिंकर को संचालित करने के लिए अलग से बिजली की लाइन नहीं बिछानी पड़ेगी। दिन में चार्ज होने के बाद बैटरी रात के समय ब्लिंकर को ऊर्जा प्रदान करेगी। इससे सड़क सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी, साथ ही पारंपरिक बिजली पर निर्भरता और उससे जुड़े खर्च में भी कमी आएगी।


चंडीगढ़ प्रशासन की यह पहल सड़क सुरक्षा के साथ-साथ सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सड़क किनारे सुरक्षा उपकरणों को सौर ऊर्जा से जोड़ने से बिजली के बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।