चंडीगढ़-लुधियाना हाईवे पर नशा मुक्ति केंद्र पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने ढाबे में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर की छापेमारी
चंडीगढ़-लुधियाना हाईवे पर घुलाल टोल प्लाजा के निकट एक ढाबे में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर पुलिस ने कार्रवाई की। इस केंद्र में न तो डॉक्टर थे और न ही कोई कर्मचारी। यहां तीन कमरों और एक हॉल में 133 लोग रखे गए थे। पुलिस ने कई आपराधिक मामलों से जुड़े व्यक्तियों को भी वहां पाया।
नशा मुक्ति केंद्र में 133 मरीजों की स्थिति
समराला पुलिस को सूचना मिली थी कि एक बंद ढाबे में नशा मुक्ति केंद्र चल रहा है। इसके बाद पुलिस और सिविल अस्पताल की टीम ने छापा मारा। वहां 133 लोग मिले, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। यह केंद्र लगभग डेढ़ साल से चल रहा था और इसके संचालकों के पास कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी। मरीजों को तीन कमरों, एक हॉल और केवल एक बाथरूम में रखा गया था, जहां सोने के लिए जमीन पर बिस्तर बिछाए गए थे।
हर महीने 30 लाख रुपये की वसूली
पुलिस के अनुसार, इस केंद्र का संचालन जगमनदीप सिंह, नवदीप सिंह, सुखविंदर सिंह और चरणप्रीत सिंह कर रहे थे। आरोप है कि मरीजों के परिवारों से हर महीने 15 से 20 हजार रुपये लिए जाते थे। डीएसपी प्रितपाल सिंह संधू के अनुसार, कुल वसूली 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। मरीजों ने यहां इलाज और भोजन की व्यवस्था को लेकर शिकायत की है। दवाओं की सलाह किसके द्वारा दी जाती थी और प्रतिबंधित दवाएं वहां कैसे पहुंची, इसकी जांच की जा रही है।
40 लोगों पर दर्ज हुए आपराधिक मामले
जांच के दौरान रेस्क्यू किए गए लोगों में से 40 के खिलाफ पंजाब के विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज पाए गए। इनमें नशा तस्करी, चोरी और लूट जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस को 7 घोषित भगोड़े और 7 बेल जंपर भी मिले। छापे के दौरान कुछ नाबालिग भी मिले, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। मौके से एक चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस अब केंद्र के संचालन, दवाओं और वाहनों से संबंधित मामलों की जांच कर रही है।
