जालंधर में रिश्वत लेते सब-इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी
जालंधर में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
जालंधर: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने जालंधर में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के सब-इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोपी अधिकारी नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों की जांच करता था।
महिला की शिकायत पर कार्रवाई
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, यह मामला जालंधर जिले के गोराया थाना क्षेत्र के गांव गोहावर की एक महिला की शिकायत पर सामने आया। महिला ने बताया कि उसके भाई पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। सब-इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह इस मामले में परिवार पर दबाव बना रहा था और परिवार के अन्य सदस्यों को भी केस में फंसाने की धमकी दे रहा था।
रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया
महिला के आरोपों के अनुसार, आरोपी अधिकारी पहले ही विभिन्न मौकों पर 6 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत ले चुका था। इसके अलावा, उसने अपनी भाभी का नाम केस में न डालने के लिए 2 लाख रुपये की मांग की थी। महिला ने इन सभी बातचीत को रिकॉर्ड किया और सबूत के रूप में विजिलेंस अधिकारियों को सौंप दिया।
शिकायत मिलने के बाद, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने कपूरथला में गहन जांच शुरू की। जब आरोप सही पाए गए, तो टीम ने जाल बिछाया। योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी अधिकारी से संपर्क करने के लिए कहा गया। निर्धारित समय पर सब-इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। विजिलेंस टीम ने मौके पर ही पूरी राशि बरामद कर ली।
