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पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियों में कमी, उमस और गर्मी बढ़ी

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियाँ धीमी हो गई हैं, जिसके कारण उमस और गर्मी में वृद्धि हो रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना कम बताई है, लेकिन 19 जुलाई के बाद फिर से बारिश की उम्मीद जताई गई है। जानें तापमान की स्थिति और आने वाले दिनों में मौसम का क्या हाल रहेगा।
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चंडीगढ़ में मौसम की स्थिति


चंडीगढ़: पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियाँ वर्तमान में धीमी हो गई हैं। बारिश की कमी के कारण राज्य के कई क्षेत्रों में उमस और गर्मी फिर से बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों में व्यापक बारिश की संभावना कम है। हालांकि, कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 19 जुलाई के बाद मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।


उमस और तापमान की स्थिति

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 जुलाई के लिए फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में उमस के लिए चेतावनी जारी की है। वहीं, पठानकोट के कुछ क्षेत्रों के साथ गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, मुक्तसर, रूपनगर और मोहाली में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।


तापमान की जानकारी


मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में लगभग 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। बठिंडा सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।


मौसम विभाग की रिपोर्ट

मौसम विभाग का विश्लेषण


मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के अनुसार, वर्तमान में मानसून कमजोर स्थिति में है और इसकी सक्रियता मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित है। यही कारण है कि पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में बारिश कम हो रही है। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है और उमस लोगों को परेशान करेगी। हालांकि, पहाड़ों में होने वाली बारिश का प्रभाव समय-समय पर मैदानी इलाकों के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।


भविष्यवाणी

आने वाले दिनों का मौसम


मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी शाखा फिर से सक्रिय होगी। इसके बाद 20, 21 और 22 जुलाई के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो अधिकतम तापमान में दो से तीन दिनों के भीतर चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी। उमस और बढ़ती गर्मी का असर बिजली की मांग पर भी दिखाई देने लगा है।