पंजाब पुलिस का ऑपरेशन प्रहार 3.0: संगठित अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
पंजाब पुलिस का सफल अभियान
पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ अपने ऑपरेशन प्रहार 3.0 को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह विशेष अभियान 16 दिनों तक चला, जिसमें राज्यभर में हजारों स्थानों पर छापेमारी की गई और गैंगस्टर नेटवर्क पर निरंतर दबाव बनाया गया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों को रोकना, जनता का विश्वास बढ़ाना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना था।
16 दिनों का राज्यव्यापी अभियान
ऑपरेशन प्रहार 3.0 के तहत, पुलिस ने पूरे पंजाब में 5,448 स्थानों पर छापेमारी की। यह अभियान चरणबद्ध तरीके से संचालित किया गया, जिसमें हर दिन अलग-अलग पुलिस रेंज और आयुक्तालय को जिम्मेदारी सौंपी गई। इससे सभी जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ और अपराधियों पर निरंतर कार्रवाई संभव हो सकी।
हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, इस अभियान में 10,401 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इस दौरान 958 एफआईआर दर्ज की गईं और 1,520 लोगों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई। पुलिस ने 262 वाहनों को भी जब्त किया। अभियान का मुख्य लक्ष्य गैंगस्टर, नशा तस्कर और फरार अपराधियों पर शिकंजा कसना था।
लगभग चार हजार गिरफ्तारियां
विशेष पुलिस महानिदेशक प्रवीण सिन्हा ने बताया कि कुल 3,949 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें गैंगस्टर, उनके सहयोगी, नशा तस्कर, घोषित अपराधी और वांछित आरोपित शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से कई आपराधिक नेटवर्क कमजोर हुए हैं और आगे की जांच में नई जानकारियों की उम्मीद है।
हथियार और नशे की बड़ी बरामदगी
इस अभियान के दौरान पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम, गांजा, पोस्त, नशीली गोलियां और अवैध शराब बरामद की। इसके अलावा, नशा तस्करी से जुड़ी नकदी, चोरी के वाहन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई। कई रंगदारी और वाहन चोरी करने वाले गिरोहों का भी पर्दाफाश हुआ।
जनता से सहयोग की अपील
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टर मुक्त पंजाब बनाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि संगठित अपराध से जुड़ी किसी भी जानकारी को एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर साझा करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
