पंजाब में AI शिक्षा की नई शुरुआत: मान सरकार का ऐतिहासिक कदम
पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ती मान सरकार
चंडीगढ़: पंजाब की मान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई को सरकारी स्कूलों में लागू करने का निर्णय लिया है। यह कदम पंजाब को देश का पहला राज्य बनाता है, जहां कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी स्कूलों के छात्र AI की शिक्षा प्राप्त करेंगे।
मान सरकार की शिक्षा में सुधार की पहल
मान सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया है। पुरानी इमारतों का नवीनीकरण, नए क्लासरूम, बेहतर बेंच-डेस्क और स्वच्छ वातावरण के साथ स्कूलों को आकर्षक बनाया गया है। इसके अलावा, 'स्कूल्स ऑफ एमिनेंस' की स्थापना की गई है, जहां मेधावी छात्रों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। पूरे राज्य में 100 प्रतिशत वाई-फाई कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है, जिससे छात्र डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर सकें।
Mann Sarkar didn't stop at rebuilding its schools; it is now rebuilding the future.
After transforming government school infrastructure, introducing Schools of Eminence, ensuring 100% Wi-Fi connectivity and training over 12,000 teachers, the Mann Government has become the first… pic.twitter.com/cHCuKSrB6n
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 27, 2026
AI शिक्षा का नया अध्याय
अब AI शिक्षा का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्य के 21,500 से अधिक सरकारी स्कूलों में 31.5 लाख से ज्यादा छात्रों को AI की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चे छोटी उम्र से ही आधुनिक तकनीक से परिचित हों और भविष्य में AI के क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार हों।
AI शिक्षा में छात्रों को सरल तरीके से समझाया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है और यह हमारे जीवन में कैसे कार्य करता है। इसमें चैटबॉट, इमेज रिकग्निशन, और स्मार्ट सिस्टम जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। कक्षा 1-5 के छोटे बच्चों के लिए खेल-खेल में AI की मूल बातें सिखाई जाएंगी, जबकि उच्च कक्षाओं के छात्रों को प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल के माध्यम से गहराई से सिखाया जाएगा।
मान सरकार का मानना है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बच्चों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करना आवश्यक है। AI शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर, इंटरनेट सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को विशेष लाभ होगा, जहां पहले डिजिटल सुविधाओं की कमी थी। अब हर छात्र को समान अवसर मिलेगा। शिक्षकों के लिए विशेष AI प्रशिक्षण मॉड्यूल भी तैयार किए गए हैं ताकि वे बच्चों को प्रभावी ढंग से पढ़ा सकें।
