पंजाब में अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई प्रोजेक्ट से किसानों को मिली राहत
मुख्यमंत्री भगवंत मान का वादा पूरा
पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक महत्वपूर्ण वादा पूरा किया है। सतौज गांव में शुरू किया गया अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई का पायलट प्रोजेक्ट राज्य के विकास में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह योजना किसानों और आम जनता दोनों के लिए राहत लेकर आई है।
किसानों के लिए फायदेमंद बदलाव
पहले खेतों में बिजली के खंभे और तारों की मौजूदगी से कई समस्याएं उत्पन्न होती थीं। ट्रैक्टर चलाने में कठिनाई होती थी और कभी-कभी दुर्घटनाएं भी होती थीं। अब अंडरग्राउंड सिस्टम के कारण ये खंभे हटा दिए गए हैं, जिससे किसानों को खुली जमीन मिल गई है और खेती करना आसान हो गया है।
सतौज गांव में अंडरग्राउंड बिजली की शुरुआत
इसके अलावा, खराब मौसम के दौरान बिजली कटौती की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी। तूफान, भारी बारिश या तेज हवा में ओवरहेड तार अक्सर टूट जाते थे, जिससे घंटों या दिनों तक बिजली गुल रहती थी। अंडरग्राउंड केबल को सुरक्षित तरीके से जमीन के नीचे बिछाया गया है, जिससे मौसम का प्रभाव उन पर कम पड़ता है। अब गांव के लोग बिना रुकावट बिजली का उपयोग कर पा रहे हैं।
CM ਮਾਨ ਨੇ ਜੋ ਕਿਹਾ, ਉਹ ਕੀਤਾ !!
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 6, 2026
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪਿੰਡ ਸਤੌਜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅੰਡਰ ਗਰਾਉਂਡ ਬਿਜਲੀ ਸਪਲਾਈ ਦਾ ਪਾਇਲਟ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਦਾ ਨਵਾਂ ਅਧਿਆਏ ਲਿਖ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਤਾਂ 'ਚ ਖੜ੍ਹੇ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਖੰਭਿਆਂ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਖ਼ਰਾਬ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਬਿਜਲੀ ਜਾਣ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਦੁਆਉਣ ਦੇ ਨਾਲ਼… pic.twitter.com/AuHVn2yQOa
भविष्य की योजनाएं
मान सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सतौज गांव से पायलट के रूप में शुरू किया है। यहां की सफलता को देखते हुए इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा था कि किसानों की सुविधा और बिजली की नियमित सप्लाई उनकी प्राथमिकता है। अब इस वादे को पूरा करके सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।
यह प्रोजेक्ट केवल पंजाब तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सकता है। कई राज्यों में अभी भी खेतों में खंभे लगे हुए हैं और मौसम की मार से बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है। सतौज मॉडल को अपनाकर अन्य स्थानों पर भी किसानों को राहत दी जा सकती है।
गांव के निवासियों में इस बदलाव को लेकर खुशी का माहौल है। वे बताते हैं कि अब खेत साफ दिखते हैं और बिजली की समस्या कम हुई है। प्रशासन भी इस परियोजना की नियमित निगरानी कर रहा है ताकि सिस्टम सुचारू रूप से चले। कुल मिलाकर अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई का यह पायलट प्रोजेक्ट पंजाब के विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यह किसानों को सहूलियत देने के साथ-साथ आम जनता को विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है।
