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पंजाब में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बच्ची की मौत

पंजाब के होशियारपुर जिले में एक चार वर्षीय बच्ची गुनगुन की आवारा कुत्तों के हमले में मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब बच्ची अपने माता-पिता के साथ खेत में थी। कुत्तों के अचानक हमले ने पूरे गांव में भय का माहौल बना दिया है। यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में ऐसी घटना हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की जा रही है।
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खेत में हुई दर्दनाक घटना

होशियारपुर: पंजाब के होशियारपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें आवारा कुत्तों के झुंड ने एक चार वर्षीय बच्ची की जान ले ली। बच्ची अपने माता-पिता के साथ खेत में धान की रोपाई के लिए गई थी। अचानक, सात कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। इस घटना ने क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना दिया है.


मृतक बच्ची की पहचान

बच्ची की पहचान गुनगुन के रूप में हुई है। उसका परिवार उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के ध्यानपुर गांव का निवासी है। वे इस समय पंजाब के होशियारपुर जिले के बसी जलाल गांव में मजदूरी कर रहे थे। घटना के समय, माता-पिता खेत में काम कर रहे थे, जबकि गुनगुन को पास के पेड़ की छांव में रखा गया था.


कुत्तों का अचानक हमला

रविवार शाम लगभग 5:30 बजे, सात आवारा कुत्तों का झुंड बच्ची के पास आया और उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने उसे कुछ दूरी तक घसीट लिया। बच्ची की चीखें सुनकर माता-पिता और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी.


अस्पताल में बच्ची की मौत

परिजन तुरंत गुनगुन को टांडा के सरकारी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे होशियारपुर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान, देर रात बच्ची ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया और पूरे गांव में शोक का माहौल बना दिया.


पिछले हमले की याद

यह पहली बार नहीं है जब जिले में आवारा कुत्तों ने हमला किया है। इससे पहले 6 मई को खरल खुर्द गांव में भी एक प्रवासी मजदूर की बच्ची पर कुत्तों ने हमला कर उसकी जान ले ली थी। इस तरह की घटनाओं ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.


आवारा कुत्तों की समस्या

लगातार हो रहे हमलों के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने और ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.