पंजाब में गमाडा घोटाले की जांच तेज, ईडी ने की कई ठिकानों पर छापेमारी
गमाडा घोटाले पर सियासी हलचल
पंजाब की राजनीति में गमाडा घोटाले को लेकर गतिविधियाँ बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई में तेजी आई है। बुधवार की रात, पंजाब सरकार ने सीधे उच्च न्यायालय का रुख किया और ईडी की कार्यवाही पर सवाल उठाए। अदालत ने सरकार की याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए एक वारंट ऑफिसर नियुक्त किया, जो अब जांच की निगरानी करेंगे। इस बीच, राजनीतिक बयानबाजी भी बढ़ गई है और कई महत्वपूर्ण दावे सामने आ रहे हैं।
ईडी की छापेमारी का दायरा
मंगलवार सुबह से ईडी ने दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में कुल 27 स्थानों पर सर्वे और छापेमारी की। इसमें गमाडा का मुख्यालय और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग से जुड़े कार्यालय भी शामिल थे। जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
चंडीगढ़ की सरकारी कोठी पर छापा
देर शाम, ईडी की टीम ने चंडीगढ़ के सेक्टर 39 में एक सरकारी कोठी पर छापा मारा, जहां आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के रहने की जानकारी मिली। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस कोठी की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि पंजाब सरकार का एक मंत्री विदेश जा चुका है, लेकिन उन्होंने नाम नहीं बताया।
मंत्री के रिश्तेदारों पर भी कार्रवाई
लुधियाना में कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे प्रिंस के घर पर भी ईडी ने छापेमारी की, जहां से दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों की जांच की गई। इसके अलावा, गमाडा के पूर्व चीफ एडमिनिस्ट्रेटर राजीव गुप्ता के आवास पर भी जांच की गई। जांच एजेंसी अब अधिकारियों की भूमिका का भी बारीकी से अध्ययन कर रही है।
जांच के घेरे में 45 कंपनियां
ईडी की जांच केवल दो नीलामी साइटों तक सीमित नहीं है। एजेंसी भूमि अधिग्रहण, भूमि उपयोग परिवर्तन और नीलामियों से संबंधित लेनदेन की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, मोहाली क्षेत्र में सक्रिय लगभग 45 रियल एस्टेट कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
रातभर चली पूछताछ
गमाडा मुख्यालय में अधिकारियों ने रातभर रिकॉर्ड की जांच की और मुख्यालय की तीन मंजिलों को सील कर दिया गया। जांच के लंबे खिंचने के संकेत तब मिले जब परिसर में अतिरिक्त गद्दे और भोजन की व्यवस्था की गई। हाउसिंग विभाग के प्रमुख सचिव विकास गर्ग सहित कई अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है। अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस कार्रवाई पर तंज करते हुए कहा कि चोर मचाए शोर, अंततः सभी दोषी पकड़े जाएंगे। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर 19 में एक आईएएस अधिकारी के घर पर भी ईडी की गाड़ियां लगभग 24 घंटे तक खड़ी रहीं, जहां दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
