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पंजाब में डीजीपी नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी, 30 जून को महत्वपूर्ण बैठक

पंजाब में स्थायी पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया अब तेजी पकड़ रही है। 30 जून को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची पर चर्चा की जाएगी। गौरव यादव, शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू जैसे नाम इस दौड़ में प्रमुखता से शामिल हैं। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और कौन से अधिकारी हैं दावेदार।
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पंजाब में डीजीपी नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी, 30 जून को महत्वपूर्ण बैठक

पंजाब में डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार खत्म होने वाला है


पंजाब में लंबे समय से स्थायी पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया अब जल्द ही आगे बढ़ने वाली है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 30 जून को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा भेजी गई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची पर चर्चा की जाएगी। इस प्रक्रिया के बाद तीन अधिकारियों का एक पैनल तैयार किया जाएगा, जिसे पंजाब सरकार को भेजा जाएगा। सरकार इसी पैनल में से किसी एक अधिकारी को स्थायी डीजीपी नियुक्त करेगी। इस निर्णय पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों की नजरें टिकी हुई हैं।


कार्यवाहक डीजीपी पर उठते सवाल

गौरव यादव जुलाई 2022 से पंजाब के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति के समय कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी कई राज्यों में लंबे समय तक कार्यवाहक डीजीपी के माध्यम से प्रशासन चलाने पर असंतोष व्यक्त किया था। फरवरी में दिए गए निर्देशों के बाद पंजाब में नियमित डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज किया गया और यूपीएससी ने राज्य सरकार से योग्य अधिकारियों की सूची मांगी थी।


14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची

पंजाब सरकार ने 6 अप्रैल को यूपीएससी को 14 योग्य आईपीएस अधिकारियों की सूची भेजी थी, जिसमें 1992, 1993 और 1994 बैच के अधिकारी शामिल हैं। 1992 बैच में शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिंह सिद्धू, गौरव यादव और कुलदीप सिंह के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। प्रशासनिक हलकों में यह माना जा रहा है कि वरिष्ठता और अनुभव इस चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


डीजीपी पद के प्रमुख दावेदार

डीजीपी पद की दौड़ में कुछ नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं। वरिष्ठता के आधार पर शरद सत्य चौहान को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। इसके बाद हरप्रीत सिंह सिद्धू और वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव का नाम भी चर्चा में है। यदि यूपीएससी वरिष्ठतम अधिकारियों को प्राथमिकता देते हुए पैनल तैयार करती है, तो गौरव यादव का नाम भी अंतिम सूची में शामिल हो सकता है, जिससे उनके स्थायी डीजीपी बनने की संभावना बनी रहेगी।


चयन प्रक्रिया का विवरण

डीजीपी चयन की प्रक्रिया एक निर्धारित व्यवस्था के तहत होती है। राज्य सरकार द्वारा भेजे गए नामों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया जाता है। इस समिति में यूपीएससी के अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रतिनिधि, राज्य के मुख्य सचिव, वर्तमान डीजीपी और एक केंद्रीय पुलिस संगठन का प्रमुख शामिल होता है। समिति योग्य अधिकारियों में से तीन नामों का पैनल तैयार करती है, जिसे राज्य सरकार को भेजा जाता है। वहां अंतिम निर्णय लेकर स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की जाती है। पंजाब में अब सभी की नजरें 30 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर हैं।